गुरुग्राम, 12 मई: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन शाखा द्वारा फर्रुखनगर स्थित खेतावास गांव में एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम देते हुए लगभग 800 वर्ग गज में निर्मित अवैध दो मंजिला भवन को ध्वस्त किया गया। उक्त निर्माण पंजाब अनुसूचित सड़कें एवं नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास प्रतिबंध अधिनियम, 1963 (हरियाणा में लागू) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।
उक्त भवन में अनाधिकृत रूप से एक विद्यालय संचालित किया जा रहा था। विभिन्न जन शिकायत मंचों पर भूमि की कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से बिक्री तथा विद्यालय के अवैध संचालन संबंधी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। यह मामला समाधान शिविरों में भी उठाया गया था। इसके अतिरिक्त भूमि की सीमांकन प्रक्रिया से संबंधित मामला माननीय उच्च न्यायालय तथा स्थानीय न्यायालय में भी विचाराधीन था।
जीएमडीए द्वारा इससे पूर्व भी संबंधित उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए भवन की चारदीवारी का आंशिक ध्वस्तीकरण किया गया था तथा कारण बताओ नोटिस एवं पुनर्स्थापन आदेश जारी किए गए थे। लगातार जारी उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए जीएमडीए ने राजस्व विभाग के साथ संयुक्त रूप से स्थल का सीमांकन करवाया और इसके उपरांत अवैध दो मंजिला निर्माण को पूर्णतः ध्वस्त कर दिया।
यह अभियान फर्रुखनगर पुलिस के सहयोग से संचालित किया गया, जिसमें कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु लगभग 50 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के लिए दो जेसीबी मशीनों को लगाया गया।
अभियान पर जानकारी देते हुए गुरुग्राम में अतिक्रमण के लिए नोडल अधिकारी एवं डीटीपी जीएमडीए आर.एस. बाठ ने कहा, “नियंत्रित क्षेत्रों में होने वाले सभी अवैध निर्माणों एवं उल्लंघनों के विरुद्ध जीएमडीए द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। उल्लंघनकर्ताओं को लगातार कारण बताओ नोटिस एवं चेतावनी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। आमजन से अपील है कि वे विकास नियमों का पालन करें तथा अवैध निर्माणों को स्वेच्छा से खाली करें, अन्यथा नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।”









