हरियाणा के युवाओं के हक पर भाजपा का हमला, बाहरी भर्ती को बढ़ावा : राव नरेंद्र सिंह

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भर्ती घोटालों और बाहरी उम्मीदवारों को बढ़ावा देने का आरोप, कांग्रेस ने सरकार को युवाओं के भविष्य पर घेरा

चंडीगढ़, 12 मई 2026। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर हरियाणा के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नायब सैनी सरकार का “सर्विस फॉर्मूला” पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है — हरियाणा से बाहर के लोगों को सरकारी नौकरियां दो, हरियाणवी युवाओं को अयोग्य बताओ और यदि मनमाफिक परिणाम न मिले तो पद खाली छोड़ दो।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की भर्ती नीतियों ने हरियाणा के लाखों पढ़े-लिखे युवाओं को निराशा, बेरोजगारी और पलायन की तरफ धकेल दिया है। प्रदेश के मेधावी युवा विदेशों में मजदूरी करने को मजबूर हैं, जबकि हरियाणा में सरकारी नौकरियों पर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राव नरेंद्र सिंह ने हाल ही में जारी असिस्टैंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) साइकोलॉजी भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि 2 अगस्त 2024 को निकाले गए भर्ती विज्ञापन में कुल 85 पद थे, जिनमें 44 पद सामान्य वर्ग के थे। लेकिन परिणाम घोषित होने पर सामान्य वर्ग में केवल 2 उम्मीदवारों को ही योग्य घोषित किया गया और बाकी सभी को फेल कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के 16 पदों पर एक भी उम्मीदवार योग्य नहीं पाया गया। बीसीए और बीसीबी वर्ग के 17 पदों पर भी किसी को योग्य नहीं बताया गया, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग के 5 पद भी खाली छोड़ दिए गए। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि सरकार जानबूझकर भर्तियों को अधूरा रखकर युवाओं के साथ अन्याय कर रही है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों की भर्तियों का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो लगभग हर भर्ती में हरियाणा के युवाओं के साथ भेदभाव दिखाई देता है।

उन्होंने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि —

  • “टॉवर यूटिलिटीज” असिस्टैंट इंजीनियर भर्ती में सामान्य वर्ग के 214 पदों में से 185 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया गया।
  • हाल ही में सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती में सामान्य वर्ग के 49 पदों में से 28 पद बाहरी उम्मीदवारों को दिए गए।
  • प्रदेश में लगभग 10 वर्ष बाद हुई एएमओ भर्ती में सामान्य वर्ग के 427 पदों में से जारी 394 चयनित उम्मीदवारों में करीब 75 प्रतिशत बाहरी राज्यों से थे।
  • सिविल जज भर्ती में 110 पदों में से 60 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया।
  • तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राध्यापक भर्ती के सामान्य वर्ग के 153 पदों में से 106 पद बाहरी उम्मीदवारों को मिले।
  • एचसीएस की लगभग हर भर्ती में 40 प्रतिशत से अधिक बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया।
  • वर्ष 2019 में बिजली विभाग एसडीओ भर्ती के 80 पदों में केवल 2 हरियाणवी युवाओं का चयन हुआ था, जिसके विरोध के बाद भर्ती रद्द करनी पड़ी।
  • असिस्टैंट प्रोफेसर (पॉलिटिकल साइंस) भर्ती में 18 चयनित उम्मीदवारों में 11 बाहरी राज्य के थे, जबकि केवल 7 हरियाणा से थे।
  • एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती में सामान्य वर्ग के 23 पदों में से 16 बाहरी उम्मीदवारों को नौकरी दी गई और केवल 7 हरियाणवी युवाओं का चयन हुआ।

राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हरियाणा को “पेपर लीक और भर्ती घोटालों का प्रदेश” बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में चपरासी से लेकर जज तक की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब NEET 2026 परीक्षा विवाद में भी हरियाणा का नाम सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को “अयोग्य” बताने वाली भाजपा सरकार पहले यह जवाब दे कि आखिर बार-बार बाहर के उम्मीदवार ही कैसे योग्य साबित हो रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि हरियाणा के युवाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों पर सीधा हमला है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा के युवाओं के रोजगार, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी और सरकारी नौकरियों में हरियाणवियों के हक की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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