*आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव तैयारियों का होगा परीक्षण*
*डीएलएफ फेज-1 व सिग्नेचर टावर अंडरपास सहित कई स्थानों पर होगा लाइव रेस्क्यू अभ्यास*

गुरुग्राम, 12 मई- हरियाणा सरकार द्वारा संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 14 मई को प्रदेश के 13 जिलों में सुबह 9 बजे व्यापक स्तर पर बाढ़ बचाव मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसी कड़ी में गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर आपदा प्रबंधन से जुड़ा विशेष अभ्यास किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विभागों की तैयारी और समन्वय क्षमता को परखा जा सके।
इस संबंध में हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित विभागों और जिलों के अधिकारियों के साथ टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन, संचार व्यवस्था, संसाधनों की उपलब्धता, विभागीय तालमेल और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला स्तर पर एडीसी सोनू भट्ट ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉक एक्सरसाइज को पूरी जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य कम समय में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाना है।
एडीसी ने बताया कि ताऊ देवीलाल स्टेडियम को स्टेजिंग एरिया बनाया गया है, जहां से पूरी मॉक एक्सरसाइज संचालित होगी। अभ्यास के दौरान डीएलएफ फेज-1 अंडरपास, सेक्टर-43 एवं सेक्टर-27 के आसपास तथा सिग्नेचर टावर अंडरपास में बाढ़ जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में संचालन के लिए जिला आपदा ऑपरेशन सेंटर लघु सचिवालय गुरुग्राम में स्थापित किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण, आपातकालीन संचार व्यवस्था, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने जैसे विभिन्न पहलुओं का अभ्यास किया जाएगा। साथ ही आमजन को जागरूक करने तथा अफवाहों से बचाव के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि इस प्रकार की मॉक एक्सरसाइज भविष्य में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे विभागों की कार्यप्रणाली, प्रतिक्रिया समय और समन्वय व्यवस्था का परीक्षण होता है तथा कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
बैठक में मानेसर एसडीएम दर्शन यादव, सीटीएम ज्योति नागपाल, डीआरओ विजय यादव, फर्स्ट आईआरबी भोंडसी अनिल कुमार, (एचएसडीआरएफ) अशोक कुमार, जतिन शर्मा डीटीओ, डिप्टी डीईओ डॉ. दीप्ति बोकन, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मानसी अरोड़ा, एक्सईएन मनोज कुमार, बीर सिंह, तहसीलदार गजे सिंह, तहसीलदार राजेश, एएफएसओ सुनील कुमार, आपदा मित्र रेडक्रॉस के रोहताश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
*युवा आपदा मित्र वॉलंटियर्स को दी गई इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट*
जिला में आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 300 युवा आपदा मित्र वॉलंटियर्स को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट दी गई। एडीसी सोनू भट्ट ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 750 युवा वॉलंटियर्स को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें से 300 वॉलंटियर्स का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के दौरान प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन वॉलंटियर्स को प्राथमिक सहायता, रेस्क्यू और आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि जरूरत के समय आमजन को तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।









