
चंडीगढ़, 10 मई। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने 10 मई 1857 को आजादी की पहली लड़ाई के आरंभ दिवस पर देश के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी में 1857 के वीर शहीदों की स्मृति में एशिया का सबसे बड़ा शहीदी स्मारक तैयार किया गया है, जिसका शीघ्र ही नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे।
श्री विज ने कहा कि 10 मई 1857 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। इसी दिन देशभर में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का बिगुल फूंका गया था, जिसमें मां भारती के असंख्य वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग से प्रेरित करने के उद्देश्य से अम्बाला छावनी में यह भव्य शहीदी स्मारक बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि 1857 की पहली आजादी की लड़ाई के वीर शहीदों की याद में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से इस स्मारक का निर्माण किया गया है। आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिक प्रस्तुति से सुसज्जित इस स्मारक में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े घटनाक्रमों और वीर गाथाओं को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया गया है।
स्मारक परिसर में 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का भव्य मेमोरियल टॉवर भी निर्मित किया गया है। रात्रि के समय इस टॉवर पर आकर्षक लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का जीवंत अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त मेमोरियल टॉवर के सामने लगभग दो हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता वाली विशाल दर्शक दीर्घा भी बनाई गई है।









