बाल देखभाल संस्थान का औचक निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा

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मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए निशा ने किया निरीक्षण

गुरुग्राम, 7 मई — जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण,, गुरुग्राम के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए निशा द्वारा जिले में संचालित बाल देखभाल संस्थान उदायन होम फॉर बॉयज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य संस्थान में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल व्यवस्थाओं का आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान संस्थान की आवासीय व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, काउंसलिंग सेवाएं, सुरक्षा प्रबंध तथा बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक और मनोरंजन गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही बच्चों से संबंधित अभिलेखों, पंजीयों और व्यक्तिगत देखभाल योजनाओं की भी जांच की गई।

मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव निशा ने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना जरूरी है, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

निरीक्षण के बाद संस्थान प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने करने के लिए कहा गया। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग और कौशल विकास गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि बाल देखभाल संस्थानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता रहेगा, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उनके हितों की लगातार निगरानी हो सके।

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Author: Bharat Sarathi

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