निकाय चुनावों में हार के डर से भाजपा ने उतारी मंत्रियों की पूरी फौज
“जनता बदलाव चाहती है, इसलिए सत्ता गलियों में दौड़ती फिर रही है”

रेवाड़ी, 7 मई 2026। हरियाणा अनुसूचित जाति कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्षा सुनीता वर्मा ने शहरी निकाय चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा और भावनात्मक हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार अब जनता के गुस्से के सामने कांपने लगा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक तक पूरी सरकारी मशीनरी के साथ चुनावी मैदान में उतर आए हैं।
रेवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क करते हुए उन्होंने कहा कि शहरों की टूटी सड़कें, गंदगी से भरी गलियां, भ्रष्टाचार और बदहाल व्यवस्था अब जनता के धैर्य की सीमा पार कर चुकी हैं। जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देकर निकायों में नई शुरुआत चाहती है।
चेयरपर्सन प्रत्याशी निहारिका चौधरी के पक्ष में वोट मांगते हुए सुनीता वर्मा ने कहा कि भाजपा के नेता जनता के बीच स्थानीय समस्याओं पर बात करने से बच रहे हैं। उनकी सभाओं में ना भ्रष्टाचार का जिक्र होता है, ना बेरोजगारी का, ना सफाई व्यवस्था का और ना ही विकास के अधूरे वादों का। क्योंकि भाजपा जानती है कि यदि जनता के असली मुद्दों पर चर्चा हुई तो उसकी सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के “ट्रिपल इंजन सरकार” वाले बयान पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि यदि ट्रिपल इंजन सरकार आने से विकास दोगुना होना था, तो क्या अब तक विकास को जानबूझकर रोका गया था? जनता यह सवाल पूछ रही है कि जब पहले भी भाजपा की सरकार थी तो फिर शहरों की हालत बदतर क्यों होती गई?
सुनीता वर्मा ने कहा कि भाजपा अपनी चुनावी सभाओं की भीड़ का ढोल पीट रही है, लेकिन सच यह है कि डर और घबराहट ने पूरी सरकार को गलियों में दौड़ने पर मजबूर कर दिया है। यदि जनता का इतना समर्थन उनके साथ है, तो फिर मुख्यमंत्री और मंत्री चुनाव आयोग को साथ लेकर चुनावी मैदान में क्यों हांफ रहे हैं?
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशियों की महंगी रैलियां, होर्डिंग, पोस्टर और करोड़ों का चुनावी खर्च आयोग को दिखाई नहीं दे रहा। ऐसा प्रतीत होता है मानो चुनाव आयोग भी भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रहा हो।
अपने सबसे भावनात्मक और तीखे बयान में सुनीता वर्मा ने कहा कि भाजपा ने इस बार ब्राह्मण समाज की उपेक्षा कर उसका अपमान किया है। एक भी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट न देकर भाजपा ने अपने सबसे पुराने समर्थक वर्ग को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का ब्राह्मण समाज भाजपा के छल और उपेक्षा को समझ चुका है।
उन्होंने कहा, “प्रदेश का ब्राह्मण अब सिर्फ मौन दर्शक नहीं है। भाजपा द्वारा मिले धोखे ने उसे शस्त्र, शास्त्र और संविधान — तीनों का महत्व समझा दिया है। अब वह अपने स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए जाग चुका है।”
सुनीता वर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता की भावनाओं और असली मुद्दों को दरकिनार कर केवल इवेंटबाजी और प्रचार की राजनीति की जा रही है। लेकिन इस बार जनता चमक-दमक नहीं, अपने अधिकार और सम्मान के लिए वोट करेगी।
उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव केवल पार्षद या चेयरमैन चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह शहरों को भ्रष्टाचार, गंदगी और सत्ता के अहंकार से मुक्त कराने की लड़ाई है। जनता अब बदलाव चाहती है और इस बार उसका फैसला सत्ता के अहंकार को करारा जवाब देगा।









