– जनगणना एक्ट, 1948 के सेक्शन 11 के तहत दर्ज होगी एफआईआर
आमजन से अपील, जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों का सहयोग करें
मानेसर, 6 मई। जनगणना कार्य में कोताही बरतने और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नोडल अधिकारी की सिफारिश पर दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त एवं नोडल अधिकारी पुनीत कुमार ने सुपरवाइजर से प्राप्त शिकायत के आधार पर मानेसर और सेक्टर-10 थाना प्रभारी को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
उन्होंने बताया कि जनगणना एक्ट, 1948 के सेक्शन 11 के तहत यदि कोई व्यक्ति सौंपे गए कार्य में लापरवाही करता है, कार्य करने से मना करता है या सेंसस अधिकारी के काम में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ी हरसरू के जीएमपीएस स्कूल और मानेसर सेक्टर-1 स्थित ओमपी स्कूल के स्टाफ को एन्यूमरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। संबंधित कर्मचारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद उन्होंने कार्य में रुचि नहीं दिखाई और जनगणना का कार्य करने से मना कर दिया। इससे इस महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इसके अलावा, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों ने यह भी शिकायत की है कि कई सोसाइटियों में पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस पर संयुक्त आयुक्त ने निगम क्षेत्र की सभी आरडब्ल्यूए और प्रबंधन समितियों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पहचान पत्र और अधिकृत पत्र की जांच के बाद उन्हें सोसाइटी में प्रवेश दिया जाए, ताकि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। जनगणना कार्य पूरी तरह जनहित में किया जा रहा है और इसमें आमजन का सहयोग बेहद आवश्यक है।









