केएमपी कॉरिडोर व नई आईएमटी परियोजनाओं पर उठाए सवाल, किसानों के शोषण का लगाया आरोप
रेवाड़ी, 22 अप्रैल 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार विकास और नई परियोजनाओं के नाम पर केवल जुमले उछाल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा।
विद्रोही ने कहा कि सरकार पिछले दो वर्षों से प्रदेश में नई आईएमटी और केएमपी कॉरिडोर पर पांच नए शहर बसाने का दावा करती आ रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में एक इंच जमीन भी अधिग्रहित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि केएमपी कॉरिडोर पर नए शहर बसाने की योजना कांग्रेस शासनकाल में घोषित हुई थी और उससे संबंधित अध्ययन व प्रारंभिक कार्य भी उसी समय पूरे किए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार अपने लगभग 12 साल के कार्यकाल में इसे आगे बढ़ाने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी या औद्योगिक क्षेत्र की योजनाएं तभी साकार हो सकती हैं, जब सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत किसानों को बाजार भाव से चार गुना तक मुआवजा देने के लिए तैयार हो। लेकिन सरकार ऐसा करने से बच रही है, जिससे ये परियोजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को उचित मुआवजा देने के बजाय विकास के नाम पर “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” दिखाकर उनकी जमीन कोडियों के भाव हड़पना चाहती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ लोगों ने सरकार के झांसे में आकर अपनी जमीन दी, लेकिन अब किसानों और ग्रामीणों में जागरूकता आ चुकी है और वे सस्ते दामों पर जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 10 नई आईएमटी और केएमपी कॉरिडोर पर पांच स्मार्ट सिटी बसाने के दावे भी इसी वजह से ठंडे बस्ते में चले गए हैं, क्योंकि किसानों ने जमीन देने से साफ इनकार कर दिया है।
विद्रोही ने अहीरवाल क्षेत्र, विशेषकर रेवाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 10-12 वर्षों से सरकार पेयजल के लिए वाटर टैंक बनाने हेतु मुफ्त में जमीन मांग रही है, लेकिन कोई भी अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है। इसके चलते रेवाड़ी क्षेत्र आज भी पेयजल संकट से जूझ रहा है।
अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान सस्ते में जमीन देने को तैयार नहीं हैं, तो सरकार बार-बार ऐसे प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं कर जनता को भ्रमित क्यों कर रही है।









