-महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए
-सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से इस अधिनियम में पीछे के रास्ते से संशोधन लाने का प्रयास किया

चंडीगढ़, 22 अप्रैल। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की महासचिव कुमारी सैलजा ने कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भाजपा देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में संसद में प्रस्तुत महिला आरक्षण अधिनियम का कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष ने बिना किसी शर्त के समर्थन किया था, क्योंकि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से इस अधिनियम में पीछे के रास्ते से संशोधन लाने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि बिना व्यापक चर्चा और सर्वसम्मति के ऐसे संशोधन लाना सरकार की मंशा पर संदेह उत्पन्न करता है और लोकतंत्र की भावना को कमजोर करता है। उन्होंने भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध होती, तो इसे वर्तमान लोकसभा एवं विधानसभा सीटों में तुरंत लागू किया जा सकता था। लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन और जनगणना जैसी शर्तों से जोडक़र जानबूझकर विलंबित करने का प्रयास किया है।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि 2023 अधिनियम की नोटिफिकेशन जारी करने के समय और उसके बाद संशोधन लाने की कोशिश भाजपा की अवसरवादी राजनीति को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो। इस अवसर पर कुमारी सैलजा ने कहा कि वे लगातार जनता के बीच रहकर मुद्दों को उठा रही हैं।








