चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
गुरुग्राम, 20 अप्रैल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाग लेने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अपने आपराधिक मामलों का पूर्ण विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र में दी गई जानकारी को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए आम मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना होगा, ताकि मतदाता जागरूक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
डीसी ने बताया कि जिन उम्मीदवारों के विरुद्ध आपराधिक मामले लंबित हैं या पूर्व में दोषसिद्धि हुई है, उन्हें अपने संबंधित क्षेत्र में व्यापक प्रसार वाले कम से कम दो समाचार पत्रों, जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेज़ी हो, में तीन अलग-अलग तिथियों पर अपनी घोषणा प्रकाशित करनी होगी। यह प्रकाशन नाम वापसी की तिथि से लेकर मतदान से दो दिन पूर्व तक किया जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवारों को अपने आपराधिक विवरण की जानकारी स्थानीय टीवी चैनलों या केबल नेटवर्क पर भी तीन बार प्रसारित करनी होगी, जो मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व तक पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ऐसे उम्मीदवारों को लिखित रूप में स्मरण पत्र जारी किया जाएगा और उम्मीदवारों को अपने प्रकाशित समाचार पत्रों की प्रतियां अंतिम चुनाव व्यय विवरण के साथ उपायुक्त को जमा करनी होंगी।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लोकतंत्र की आधारशिला है और इन प्रावधानों का उद्देश्य मतदाताओं को पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही और जागरूक निर्णय ले सकें। डीसी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित शपथपत्रों और घोषणाओं का अवलोकन अवश्य करें और 10 मई को अपने मताधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करें।







