23196 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग पर गुरुग्राम में सीटू का धरना, मानेसर के गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग

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23196 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सीटू का प्रदर्शन, मानेसर आंदोलन के गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की उठी आवाज

गुरुग्राम, 16 अप्रैल 2026। सीटू के आह्वान पर आज जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय गुरुग्राम पर सैकड़ों मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेश नौहरा और बसंत कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सुशील शर्मा ने किया।

धरने को संबोधित करते हुए सीटू के उपाध्यक्ष कामरेड सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन को मजदूरों की खराब स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, लेकिन अब तक उनका रुख दमनकारी रहा है। उन्होंने कहा कि 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग केवल सीटू की नहीं, बल्कि 29 दिसंबर 2025 को हुई कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था। इस कमेटी में फैक्ट्री मालिकों की एसोसिएशन, ट्रेड यूनियन, सरकार और श्रम विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे।

उन्होंने बताया कि पानीपत में हुई कमेटी की 9वीं बैठक में भी इस पर सहमति बनी थी। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 15,220 रुपये न्यूनतम वेतन बढ़ाने की घोषणा मजदूर आंदोलनों के दबाव का परिणाम है, लेकिन हकीकत यह है कि उद्योगपति इस वेतन को भी लागू करने के पक्ष में नहीं हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, कुंडली सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में मालिक संगठनों द्वारा इसे लागू न करने के बयान सामने आ रहे हैं, जिसके चलते मजदूर स्वतःस्फूर्त हड़ताल कर सड़कों पर उतर रहे हैं।

जिला अध्यक्ष सुरेश नौहरा ने कहा कि सरकार और पूंजीपतियों के दबाव में प्रशासन मजदूर आंदोलनों को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और बाहरी तत्वों के शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मानेसर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।

उन्होंने यह भी बताया कि चार राज्यों में न्यूनतम वेतन में भारी अंतर है—दिल्ली में 19,846 रुपये, हरियाणा में 15,220 रुपये, उत्तर प्रदेश में 11,313 रुपये और राजस्थान में 7,410 रुपये निर्धारित है, जबकि एनसीआर क्षेत्र में जीवनयापन का खर्च लगभग समान है। ऐसे में पूरे क्षेत्र के लिए एक समान न्यूनतम वेतन लागू किया जाना चाहिए।

जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा ने महिला मजदूरों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की और सभी झूठे मुकदमों को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई।

धरने में आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर्स, आशा वर्कर्स, मिड-डे मील कर्मचारी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, नगरपालिका कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के कंवर लाल यादव, दलित अधिकार मंच के दिनेश रंगा, जनवादी महिला समिति की रामवती, भारती, ओमवती, रेहड़ी-पटरी फेरी कमेटी के सुरेंद्र, दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के मोहम्मद अनवर, नागरिक मंच के मनीष मक्कड़, ज्ञान विज्ञान समिति गुरुग्राम सहित सैकड़ों मजदूर, कर्मचारी और महिलाओं ने भाग लिया।

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Author: Bharat Sarathi

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