अमित शाह ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि आज का भारत सुरक्षित और निर्णायकर्ता है : पंडित मोहनलाल बडौली

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अमित शाह के संसद में दिए भाषण को प्रदेश अध्यक्ष ने बताया ऐतिहासिक

चंडीगढ़, 30 मार्च। संसद में गृहमंत्री अमित शाह के भाषण को ऐतिहासिक बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बडौली ने कहा है कि गृहमंत्री ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर गया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता देश की सुरक्षा, स्थिरता और तेज़ निर्णय लेने वाली शासन प्रणाली है। उनका संबोधन केवल तात्कालिक राजनीतिक जवाब नहीं था, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को सामने रखने वाला वक्तव्य था।

हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली ने कहा कि गृह मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे से की और साफ शब्दों में कहा कि देश की एकता और अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। श्री बडौली ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दोहराया कि आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पहले से अधिक सख्ती के साथ लागू की जा रही है। उनके अनुसार, पिछले वर्षों में इन क्षेत्रों में जो कमी आई है, वह मजबूत इच्छाशक्ति और स्पष्ट नीति का परिणाम है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बोलते हुए अमित शाह ने कि धारा 370 हटाने के फैसले को आज के भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने न केवल कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि वहां विकास, निवेश और शांति का नया दौर भी शुरू किया है। आज का कश्मीर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और संभावनाओं से भरा हुआ हैकृयह बात उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित की।

मोहन लाल बडौली ने कहा कि अमित शाह ने विपक्ष को आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों तक निर्णय लेने में असमर्थ रहे, वे आज सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। पहले की सरकारों में नीति और नीयत दोनों में स्पष्टता की कमी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने देशहित में त्वरित और ठोस फैसले लेने की परंपरा स्थापित की है।

कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली में सुधार को लेकर भी अमित शाह ने विस्तार से बात की। बडौली ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों और तकनीकी सुधारों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज़ और प्रभावी बनाया जा रहा है। संसद में अमित शाह का जोर इस बात पर था कि आम नागरिक को न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।

मोहनलाल बडौली ने कहा कि आज का गृह मंत्री अमित शाह का यह भाषण केवल सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी था- भारत अब निर्णय लेने में देरी करने वाला देश नहीं रहा। मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का दृष्टिकोण ही नए भारत की पहचान है।

श्री बडौली ने कहा कि अमित शाह का यह संबोधन यह संकेत देता है कि सरकार आने वाले समय में भी सुरक्षा, विकास और सुशासन के एजेंडे पर उसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ती रहेगी, जिससे भारत एक और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर सके।

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Author: Bharat Sarathi

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