कागज नहीं, अब डिजिटल हेल्थ वॉलेट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोरए डब्ल्यूएचओ की नई पहल

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पुनीत उपाध्याय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) और एलायंस फॉर हेल्थ पॉलिसी एंड सिस्टम्स रिसर्च ने टेमासेक फाउंडेशन के साथ मिलकर एक नई तीन साल की पहल शुरू की है। इसका मकसद एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (एसियान) के सदस्य देशों को कागज़ पर आधारित हेल्थ रिकॉर्ड से हटकर सुरक्षितए आपस में जुड़ने वाले डिजिटल हेल्थ वॉलेट ; (डीएचडल्यू) अपनाने में मदद करना है। इस प्रोग्राम का मकसद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करना, देखभाल की निरंतरता को बेहतर बनाना और यह पक्का करना है कि लोगों के पास अपनी ज़रूरी स्वास्थ्य जानकारी तक भरोसेमंद और कहीं भी इस्तेमाल हो सकने वाली पहुंच हो। टेमासेक फाउंडेशन में स्वास्थ्य और वेल.बीइंग के प्रमुख की किर्क चुएन के अनुसार कोविड महामारी ने दिखाया कि हेल्थ रिकॉर्ड का भरोसेमंद, वेरिफ़ाई करने लायक होना और लोगों के साथ सीमाओं के पार भी जा सकना कितना ज़रूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अपनी पार्टनरशिप के ज़रिए टेमासेक फाउंडेशन उन देशों की मदद करने की उम्मीद करता है जो बिखरे हुए कागज़ी रिकॉर्ड से हटकर सुरक्षित डिजिटल हेल्थ वॉलेट अपनाना चाहते हैं जिन्हें लोग जहां भी जाएं अपने साथ ले जा सकें।

एसियान के कुछ सदस्य देशों में इस तरीके को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आज़माकर यह दिखाना है कि भरोसेमंद डिजिटल टूल कैसे स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत कर सकते हैं। देखभाल की निरंतरता को बेहतर बना सकते हैं। अगर यह कोशिश कामयाब होती है तो यह वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य मानकों को ऐसे व्यावहारिक समाधानों में बदलने में मदद कर सकती है जिनसे इस पूरे क्षेत्र के समुदायों को फ़ायदा हो सकता है। यह पहल कोविड महामारी से मिले सबकों पर आधारित है जिसने भरोसेमंद और वेरिफ़ाई करने लायक डिजिटल स्वास्थ्य दस्तावेज़ों की तत्काल ज़रूरत को दिखाया था। यह अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों (आईएचआर 2025) के भी अनुरूप है जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त डिजिटल स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों की मांग करते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन में डेटाए डिजिटल स्वास्थ्य एनालिटिक्स और एआई विभाग के निदेशक डॉण् एलेन लैब्रिक के अनुसार डिजिटल हेल्थ वॉलेट सिर्फ़ एक तकनीकी अपग्रेड से कहीं ज़्यादा हैं। वे भरोसेमंद, लोगों पर केंद्रित स्वास्थ्य प्रणालिया बनाने की एक प्रतिबद्धता हैं। देशों को सुरक्षित, इंटरऑपरेबल समाधान अपनाने में सहायता देकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यक्ति अपनी ज़रूरी स्वास्थ्य जानकारी आत्मविश्वास और गरिमा के साथ अपने पास रख सकें। यह साझेदारी हमारे इस साझा विश्वास को दर्शाती है कि डिजिटल बदलाव को राष्ट्रीय क्षमता को मज़बूत करना चाहिए, समानता को बनाए रखना चाहिए और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एक नींव प्रदान करनी चाहिए। एलायंस फॉर हेल्थ पॉलिसी एंड सिस्टम्स रिसर्च के कार्यकारी निदेशक डॉ. कुमानन रसनथन बताते हैं कि डिजिटल स्वास्थ्य हस्तक्षेप तभी वास्तविक समाधान बन पाते हैं जब उन्हें स्थानीय वास्तविकताओं की सूक्ष्म समझ के आधार पर मौजूदा स्वास्थ्य प्रणालियों में सफलतापूर्वक एकीकृत किया जाता है। यह पहल वैश्विक स्तर पर मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी ताकि अन्य देश सुरक्षित और मानकों पर आधारित डिजिटल हेल्थ वॉलेट्स को अपना सकें। इस प्रकारए यह पहल पूरे क्षेत्र और उससे भी आगे अधिक मज़बूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण में अपना योगदान देगी।

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Author: Bharat Sarathi

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