SRAF टीम की रेड में खुलासा; धक्का-मुक्की कर भागीं आरोपी, 24 छात्रों पर UMC, शिक्षकों पर FIR की सिफारिश

सोनीपत, 28 मार्च। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा के दौरान सोनीपत जिले के गांव बिधलान स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सामूहिक नकल का बड़ा मामला सामने आया है। बोर्ड चेयरमैन की स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स (SRAF) ने छापेमारी कर दो महिला शिक्षकों को नकल कराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा समाप्त होने के बाद 24 विद्यार्थियों को एक अलग कमरे में बैठाकर नकल करवाई जा रही थी, जबकि अन्य परीक्षार्थी केंद्र छोड़ चुके थे।
ऐसे हुआ खुलासा
शुक्रवार को 12वीं कक्षा की भूगोल परीक्षा दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा खत्म होने के बाद SRAF टीम को सूचना मिली कि केंद्र में नकल जारी है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी की।
जांच के दौरान पीजीटी हिंदी मंजू देवी, पीजीटी संस्कृत वीणा कुमारी और चपरासी नवीन कुमार को 24 छात्रों के साथ कमरे में पाया गया। आरोप है कि ये तीनों मिलकर विद्यार्थियों को नकल करवा रहे थे।
टीम पहुंचते ही मचा हड़कंप
टीम को देखते ही कमरे में अफरा-तफरी मच गई। दोनों महिला टीचर मुंह छिपाकर भागने लगीं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने टीम के साथ धक्का-मुक्की भी की और मौके से फरार हो गईं।
टीम का कहना है कि स्कूल स्टाफ ने भी आरोपियों को पकड़वाने में कोई सहयोग नहीं किया। आरोपी अपने मोबाइल फोन भी साथ ले गए।
पर्यवेक्षक की मौजूदगी पर भी सवाल
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस कमरे में नकल करवाई जा रही थी, वहां पर्यवेक्षक की मौजूदगी भी बताई जा रही है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों का उल्लंघन होना परीक्षा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
सोनीपत जिले में यह सामूहिक नकल का दूसरा मामला है। इससे पहले चरखी दादरी सहित अन्य जिलों में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
SRAF टीम ने दोनों शिक्षकों और चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। वहीं, 24 विद्यार्थियों पर यूएमसी (Unfair Means Case) दर्ज किया गया है।
बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि पुलिस में शिकायत दी जा रही है और शिक्षा विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने स्पष्ट किया कि जो भी शिक्षक या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में बार-बार सामने आ रहे नकल के मामले सिर्फ परीक्षा प्रणाली की कमजोरी नहीं, बल्कि शिक्षा तंत्र में गहराई तक फैली लापरवाही और मिलीभगत का संकेत हैं। जब शिक्षक ही नियम तोड़ने लगें, तो शिक्षा का मूल उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है। ऐसे मामलों में केवल एफआईआर पर्याप्त नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करते हुए सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई जरूरी है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल हो सके।








