सीएम फ्लाइंग व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध सिलेंडर के साथ एक वाहन जब्त व एक आरोपी हिरासत में

गुरुग्राम, 27 मार्च। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम फ्लाइंग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने मारुति कुंज क्षेत्र में छापेमारी करते हुए डोमेस्टिक श्रेणी के 20 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों में भारत गैस के 18 भरे हुए सिलेंडर, एक खाली सिलेंडर तथा इंडेन का एक खाली सिलेंडर शामिल है।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) अशोक रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि डीसी अजय कुमार के निर्देशानुसार जिले में एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति और वितरण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या अवैध भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित है और इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो और किसी प्रकार की किल्लत उत्पन्न न हो।
कार्रवाई के दौरान सीएम फ्लाइंग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मारुति कुंज में वाहन नंबर एचआर 55 एजे 9226 को जांच के लिए रोका। वाहन में सवार अंकुश यादव, निवासी सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), से सिलेंडरों के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए सिलेंडर और वाहन को जब्त कर लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
इस संयुक्त अभियान में सीएम फ्लाइंग से इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, सीआईडी से इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव, सब-इंस्पेक्टर महाबीर, सुरेंद्र और प्रवीण तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से एएफएसओ विजय कुमार, इंस्पेक्टर गजेंद्र और विनय शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रहेंगे, ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
डीएफएससी अशोक रावत ने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं पर गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या अवैध भंडारण की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।








