सोनीपत की सभा में उठी आवाज—शहीदों का अपमान नहीं सहेंगे, महंगाई-बेरोजगारी पर भी सरकार घिरी

गुड़गांव, 26 मार्च 2026 – सेंटर फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स एंड सेक्युलरिज्म (CPDRS) गुड़गांव के संयोजक श्रवण कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने सोनीपत स्थित छोटू राम धर्मशाला में आयोजित एक महत्वपूर्ण सभा में भाग लिया। सभा की अध्यक्षता हरियाणा संयोजक ईश्वर सिंह राठी ने की, जबकि संचालन जिला सचिव सुरेंद्र सिंह ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए CPDRS के अखिल भारतीय महासचिव प्रो. कुंचे श्रीधर ने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर हो रहे लगातार हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए “वोट कटिंग” जैसी साजिशें रची जा रही हैं।
इस अवसर पर दिल्ली स्टेट एडवाइजर प्राण शर्मा, एडवोकेट कपिल देव, एडवोकेट ब्रह्म सिंह दहिया, संजय कुमार और वजीर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सभी ने एक सुर में लोकतंत्र, संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए व्यापक और संगठित जनसंघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रो. श्रीधर ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में क्रांतिकारी शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने मांग की कि इन महान शहीदों की प्रतिमाओं को जल्द पुनर्स्थापित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो CPDRS व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा।
सभा में अमेरिका और इजराइल की युद्ध गतिविधियों की भी तीखी आलोचना की गई और विश्व शांति बनाए रखने की अपील की गई। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और आम जनता के बुनियादी मुद्दों की अनदेखी पर भी गहरी चिंता जताई गई।
अंत में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने, शहीदों के सम्मान की सुरक्षा और समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
सभा में उपस्थित सभी साथियों ने एकजुट होकर लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।








