भक्ति, श्रद्धा और संगीत का अद्भुत संगम—नवरात्रों में वानप्रस्थ में भजन संध्या का आयोजन

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मधुर भजनों की स्वर लहरियों से गूंजा सभागार, वरिष्ठ नागरिकों ने भक्ति रस में डूबकर लिया आध्यात्मिक आनंद

हिसार, 25 मार्च। नवरात्र के पावन अवसर पर हिसार स्थित वानप्रस्थ सीनियर सिटीज़न क्लब में भक्ति, श्रद्धा और संगीत से ओतप्रोत एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माँ शक्ति की आराधना के साथ-साथ भक्ति संगीत की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्लब के महासचिव डॉ. जे.के. डांग द्वारा मुख्य अतिथि एवं मुख्य गायिका श्रीमती सुषमा गांधी के स्वागत से हुआ। उन्होंने बताया कि एफ.सी. कॉलेज से सेवानिवृत्त प्राध्यापिका श्रीमती गांधी न केवल एक उत्कृष्ट गायिका हैं, बल्कि एक सक्रिय समाजसेवी भी हैं। वे पर्यावरण एवं पशु संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के साथ कार्य कर रही हैं तथा पंजाब विश्वविद्यालय से संगीत में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं।

इसके उपरांत श्रीमती सुषमा गांधी ने अपनी मधुर, सुरमयी और भावपूर्ण प्रस्तुति से ऐसा समाँ बाँधा कि पूरा सभागार भक्ति रस में सराबोर हो गया। उन्होंने “ऐसा वरदान दे दो माँ…” से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद “जग में सुंदर हैं दो नाम…”, “मत कर तू अभिमान रे बंदे…”, “प्रभु हम पे कृपा करना…”, “अब सौंप दिया इस जीवन का…” और “भजन बिना चैन ना आए राम…” जैसे भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

फिल्म बैजू बावरा का कालजयी भजन “मन तड़पत हरि दर्शन को आज…” प्रस्तुत कर उन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि “रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने…” ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। उनकी हर प्रस्तुति पर सभागार तालियों से गूंज उठता रहा।

कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। आचार्य श्री सचिन जी ने “दर्शन दो घनश्याम नाथ…” प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। डॉ. एस.एस. धवन ने “भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे…” से माँ का गुणगान किया। डॉ. सुनीता सुनेजा ने “सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई…” भजन से सभी के हृदय को छू लिया।

श्री योगेश सुनेजा ने “मैली चादर ओढ़ के…” तथा श्री अजीत सिंह ने हरियाणवी भजन “बता मेरे यार सुदामा रे…” प्रस्तुत किया, जिसमें डॉ. मनवीर सांगवान, डॉ. आर.पी.एस. खरब, करतार सिंह और डॉ. सैनी ने संगत कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

राज्य स्तरीय गायक डॉ. आर.के. सैनी ने “जगदम्बे मात भवानी री…” गाकर खूब तालियाँ बटोरीं। नई सदस्या श्रीमती अदेश मलिक ने “आँखें बंद करूँ या खोलूँ…” से सभी को भाव-विभोर किया, जबकि श्रीमती रमा मुंजाल ने पंजाबी भजन “पल्ले बन ले मना…” प्रस्तुत कर माहौल को और जीवंत बना दिया।

श्रीमती कौशल जैन ने “मेरा छोटा सा संसार…” को सरल और हृदयस्पर्शी अंदाज़ में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. सुशील माहेश्वरी ने “मेरे मन में भी राम, तन में भी राम…” भजन गाकर वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर प्रसार भारती से आईं श्रीमती रश्मि भारती ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वानप्रस्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है और ऐसे भक्ति कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।

अंत में डॉ. जे.के. डांग ने मुख्य गायिका एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत मन को शांति और आत्मा को आनंद प्रदान करता है तथा जीवन में सकारात्मकता का संचार करता है।

कार्यक्रम के उपरांत सभी ने व्रत के अनुरूप जलपान का आनंद लिया। यह भजन संध्या भक्ति, संगीत और सामूहिक आनंद का एक सुंदर एवं अविस्मरणीय संगम बन गई।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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