1.6 किलोमीटर का क्षेत्र अवैध निर्माण से मुक्त किया गया
यातायात सुगमता और शहरी सुधार की दिशा में बड़ा कदम

गुरुग्राम, 25 मार्च: शहर में सार्वजनिक स्थानों को पुनः प्राप्त करने और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निरंतर अभियान के तहत, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सेक्टर 46 और 51 के डिवाइडिंग रोड पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमणों को सफलतापूर्वक हटा दिया।
गुरुग्राम में अतिक्रमण मामलों के नोडल अधिकारी और जीएमडीए के डीटीपी आर.एस. बाठ के नेतृत्व में दो दिवसीय विशेष अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। इस अभियान में एटीपी सतिन्द्र, जेई सुनीत और जेई आशीष त्यागी के साथ-साथ जीएमडीए इंफोर्समेंट टीम भी मौजूद थी। करीब 20 पुलिसकर्मियों की टीम भी सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद रही और दो जेसीबी मशीनें तैनात की गईं। अब पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है, साथ ही अधिकांश लोगों ने अभियान के दौरान अपना सामान भी हटा लिया।
सड़क के दोनों ओर लगभग 800 मीटर तक झुग्गियों के रूप में अतिक्रमण फैला हुआ था, जिससे यातायात संचालन और नियोजित विकास कार्यों में काफी बाधा उत्पन्न हो रही थी। स्वेच्छा से हटाने के लिए पहले ही दो बार नोटिस जारी किए गए थे और मौके पर समझाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आवश्यक हो गया।
अतिक्रमण हटाने के बाद जीएमडीए द्वारा इस मार्ग पर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी तथा सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्र की शहरी छवि बेहतर बनेगी।
प्राधिकरण के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए श्री आर.एस. बाठ ने बताया कि यह कार्रवाई प्राधिकरण की व्यापक और निरंतर इंफोर्समेंट का हिस्सा है। “जीएमडीए की टीम पहले भी राजीव चौक, मेडिसिटी रोड तथा सेक्टर 47 के ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर चुकी है और भविष्य में भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रखी जाएगी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जीएमडीए ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में किसी भी उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है, वहां नियोजित विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।
यह पहल गुरुग्राम में सुगम यातायात, नियोजित शहरी विकास और सार्वजनिक स्थानों के संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में प्राधिकरण द्वारा उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है।









