मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी जानकारी, खाद्य सुरक्षा, रेल- मेट्रो और शिक्षा से जुड़े अहम निर्णय

चंडीगढ़, 24 मार्च – 2026 चंडीगढ़ में हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधार, बुनियादी ढांचे के विस्तार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं।
🔹 खाद्य सुरक्षा नियमों में संशोधन को मंजूरी
बैठक में संशोधित केंद्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन सेवा नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई।
इन संशोधनों में पदनामित अधिकारी (Designated Officers), खाद्य सुरक्षा अधिकारी और खाद्य विश्लेषक जैसे प्रमुख नियामक पदों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की लागत दोगुनी
राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है।
पहले 5,618 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की नई अनुमानित लागत बढ़ाकर करीब 11,709 करोड़ रुपये कर दी गई है।
कर्मचारियों को ऋण देने की व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले अग्रिम ऋण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2016 से Punjab National Bank के माध्यम से दिए जा रहे ऋण अब फिर से राज्य सरकार की पुरानी व्यवस्था के तहत सीधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
अब कर्मचारियों को मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह जैसे उद्देश्यों के लिए ऋण सीधे सरकार से मिल सकेगा।
रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी
बैठक में रिठाला-नरेला-कुंडली (चरण-IV) मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित DPR को मंजूरी दी गई।
इस परियोजना के तहत हरियाणा में 2.726 किलोमीटर लंबाई तक नरेला से कुंडली तक मेट्रो लाइन का विस्तार होगा, जिसमें कुंडली और नाथूपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।
हरियाणा हिस्से की कुल लागत 545.77 करोड़ रुपये होगी, जिसमें केंद्र सरकार 97.30 करोड़ रुपये और राज्य सरकार 448.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को हरी झंडी
मंत्रिमंडल ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान की है।
करीब 136.30 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की कुल लागत 33,051.15 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें हरियाणा सरकार का हिस्सा 7,472.11 करोड़ रुपये होगा।
इस कॉरिडोर के तहत हरियाणा में 11 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे तेज़, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा नियमों में बदलाव, कक्षा-I में प्रवेश की आयु तय
मंत्रिमंडल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 में संशोधन को भी मंजूरी दी है।
अब कक्षा-I में प्रवेश के लिए बच्चों की न्यूनतम आयु 6 वर्ष या उससे अधिक निर्धारित की गई है।
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लिया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया है।
विकास और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी निर्णय राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ विकास सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।







