मुख्य सड़कों को कचरा व धूल मुक्त बनाने पर जोर
नियमों की अवहेलना पर एक वर्ष में 9002 चालान कर 1.77 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला
गुरुग्राम, 24 मार्च। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने मंगलवार को आयोजित स्वच्छता समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए सभी अतिरिक्त निगमायुक्त व संयुक्त आयुक्त प्रतिदिन फील्ड में जाकर निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करें।
निगमायुक्त स्वयं भी नियमित रूप से फील्ड में जाकर मौके पर निरीक्षण करेंगे, ताकि स्वच्छता कार्यों की गुणवत्ता और गति बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरतें।
बैठक में विशेष रूप से मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। निगमायुक्त ने कहा कि शहर की प्रमुख सड़कों को कचरा एवं धूल मुक्त रखना प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे सड़कों पर कचरा न फैलाएं और स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छ शहर का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि स्वच्छता एवं पर्यावरण नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ निगम द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बीते एक वर्ष (24 मार्च 2025 से 24 मार्च 2026) के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 9002 व्यक्तियों के चालान किए गए, जिन पर कुल 1,77,72,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इन उल्लंघनों में कचरे में आग लगाना, बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा नियमों की अनदेखी, सार्वजनिक स्थानों पर सेप्टेज वेस्ट डालना, सीएंडडी वेस्ट का अवैध निपटान, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना, प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग, पानी का दुरुपयोग तथा प्रतिबंध के बावजूद निर्माण गतिविधियां शामिल हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित कराया जाए, ताकि गुरुग्राम को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाया जा सके।








