आवास आवंटन से लेकर किसान मुद्दों तक सरकार घिरी; शहीद दिवस के राजनीतिक इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
गुरुग्राम, 23 मार्च – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर जे तंवर ने गुरुग्राम में आयोजित “विकसित बादशाहपुर रैली” को लेकर हरियाणा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में गंभीर विरोधाभास है। उन्होंने इस पूरे आयोजन को “छद्म विकास का भ्रामक प्रचार” करार दिया।
तंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 2709 लाभार्थियों को “घर की चाबियां” देने का दावा किया गया, जबकि वास्तविकता में केवल आवंटन पत्र वितरित किए गए। यदि इन मकानों के लिए लाभार्थियों से करीब 1.5 लाख रुपये तक की राशि ली जा रही है और निर्माण निजी डेवलपर्स द्वारा किया गया है, तो इसे सरकारी उपलब्धि बताना पूरी तरह भ्रामक है।
शहीद दिवस पर आयोजन को लेकर सवाल
तंवर ने आरोप लगाया कि शहीद दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के दिन कार्यक्रम का आयोजन किसी सरकारी या सामाजिक संस्था की बजाय “होम डेवलपर्स एसोसिएशन” द्वारा किया जाना संदेह पैदा करता है। कार्यक्रम में प्रशासनिक तंत्र और मुख्यमंत्री की उपस्थिति को भी उन्होंने गंभीर सवालों के घेरे में बताया।
उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत का राजनीतिक उपयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
किसानों के मुद्दे पर सरकार घिरी
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के बयान—“किसानों से नहीं, उद्योगों से बनेगा विकसित भारत”—पर प्रतिक्रिया देते हुए तंवर ने इसे अन्नदाता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की “अन्नदाता शोषण, पूंजीपतियों पोषण” नीति का प्रमाण है।
तंवर ने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसान सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है।
अहीरवाल और क्षेत्रीय सम्मान का मुद्दा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री से गुरुग्राम से चुनाव लड़ने के आग्रह को दक्षिण हरियाणा और अहीरवाल क्षेत्र का अपमान बताया।
उन्होंने कहा कि यह बयान राजनीतिक बौखलाहट और “चरण वंदना” का उदाहरण है, जबकि अहीरवाल क्षेत्र पहले ही दिवंगत नेता राव वीरेंद्र सिंह जैसे मुख्यमंत्री दे चुका है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
📌 आर्थिक पिछड़ा वर्ग की आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए
📌 किसानों को फसल नुकसान का तत्काल और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए
📌 विकास नीति में कृषि और किसान कल्याण को प्राथमिकता मिले
📌 “ट्रिपल इंजन” के प्रचार की बजाय जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर दिया जाए
मुख्य आरोप एक नजर में
🔸 आवास योजना में “चाबी वितरण” का दावा भ्रामक
🔸 शहीद दिवस के आयोजन का निजीकरण संदिग्ध
🔸 किसानों की अनदेखी, उद्योगों को प्राथमिकता
🔸 अहीरवाल क्षेत्र के सम्मान को ठेस
🔸 सरकार पर झूठा श्रेय लेने का आरोप







