नव संवत्सर पर साहित्यिक ऊर्जा का संचार, कार्यकर्ता प्रशिक्षण में संगठन सुदृढ़ता पर जोर

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साहित्य में संवेदना का महत्व और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर

गुरुग्राम, 22 मार्च। अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, हरियाणा – ज़िला इकाई, गुरुग्राम द्वारा रविवार को सेक्टर 10-A स्थित कम्युनिटी सेंटर में नव संवत्सर उत्सव एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं परिषद् कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं अतिथि स्वागत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डॉ. अशोक दिवाकर तथा मुख्य वक्ता प्रांतीय अध्यक्ष मनोज भारत की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आयाम प्रदान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. अशोक दिवाकर ने अपने संबोधन में साहित्य के मूल तत्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्यकार की लेखनी में वेदना और संवेदना का होना अत्यंत आवश्यक है। यही भाव समाज को जागरूक करने के साथ-साथ उसे प्रेरित भी करते हैं। उनका उद्बोधन अत्यंत प्रभावशाली एवं भावपूर्ण रहा, जिसने उपस्थित साहित्यकारों को गहराई से प्रभावित किया।

मुख्य वक्ता मनोज भारत ने साहित्य के सामाजिक दायित्वों पर बल देते हुए कहा कि साहित्य का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को परिषद् से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विदु कालरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में साहित्य में “वेदना के महत्व” को रेखांकित करते हुए अभिज्ञानशाकुंतलम् के शकुंतला विदाई प्रसंग का मार्मिक उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भावनात्मक गहराई ही साहित्य को जीवंत बनाती है और पाठकों के हृदय तक पहुंचाती है।

प्रशिक्षण वर्ग के दौरान साहित्य के संवर्धन एवं युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। सदस्यों से परिषद् की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए साहित्य के प्रचार-प्रसार में योगदान देने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध होने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।

इस अवसर पर जगदीश ग्रोवर, विजय पाल नाविक, मदन साहनी, प्रीति मिश्रा, हरींद्र यादव, मीनाक्षी पांडेय, सुशीला यादव, नरेंद्र गौड़, वीणा अग्रवाल, बरखा यादव, सुरिंदर मनचंदा, लाडो कटारिया, सुप्रिया संजू, मनीता गर्ग, दौलत राम कौशिक सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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