प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी. एस ढेसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की 8वीं बैठक सम्पन्न

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बैठक में भूजल के दुरुपयोग पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश, जीएमडीए संभालेगा सेक्टर 81–115 में सीवर नेटवर्क का जिम्मा

एचएसवीपी और नगर निगम मानेसर द्वारा माइक्रो एसटीपी माध्यम से बनाई जाएगी स्थानीयकृत सीवेज उपचार की योजना

गुरुग्राम, 19 मार्च। गुरुग्राम की 8वीं ज़िला स्तरीय समन्वय बैठक गुरुवार को लघु सचिवालय में हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। यह बैठक सीवरेज बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने, भूजल के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष ध्यान देते हुए जल संसाधन प्रबंधन में सुधार करने, प्रमुख शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और समन्वित अंतर-विभागीय कार्रवाई के माध्यम से सख्त पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करने पर केंद्रित थीं।

बैठक में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा, डीसी अजय कुमार, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश मोहन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

जीएमडीए सीवर नेटवर्क का प्रभार संभालेगा; विकेंद्रीकृत उपचार व्यवस्था को मज़बूत किया जाएगा

श्री ढेसी ने सीवरेज प्रबंधन में सुधार की चर्चा के दौरान निर्देश दिए कि जीएमडीए, एचएसवीपी से सेक्टर 81–115 में स्थित 69 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क का प्रभार संभालेगा, ताकि इन तेज़ी से विकसित हो रहे सेक्टरों में कार्यों को सुव्यवस्थित किया जा सके, रखरखाव की दक्षता बढ़ाई जा सके और बेहतर सीवरेज सुविधाएँ सुनिश्चित की जा सकें। इसके अतिरिक्त, मौजूदा कमियों को दूर करने और केंद्रीकृत प्रणालियों पर पड़ने वाले भार को कम करने के लिए, एचएसवीपी और नगर निगम गुरुग्राम एसटीपी के निर्माण की योजना बनाएँगे, ताकि अपशिष्ट जल का स्थानीय स्तर पर ही उपचार किया जा सके। इस विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण से पूरी प्रणाली की दक्षता में सुधार होने और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ सीवेज प्रबंधन सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि एचएसवीपी द्वारा बिछाई गई मौजूदा 66.5 किलोमीटर लंबी सीवेज पाइपलाइन की स्थिति का आकलन संयुक्त निरीक्षणों के माध्यम से किया जाए। इसमें पाइपलाइनों से गाद हटाने की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता की जांच शामिल होगी, ताकि बिछाए गए नेटवर्क का निर्बाध एकीकरण उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

एनजीटी के निर्देशों के बाद भूजल के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई

भूजल के अवैध दोहन और सतत जल प्रबंधन के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के महत्वपूर्ण निर्देशों के अनुपालन में, बैठक में पूरे जिले में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सक्षम अधिकारियों को भूजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए, जिसमें अवैध बोरवेल और अनधिकृत दोहन की जांच शामिल है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग अनिवार्य रूप से गैर-पेय उद्देश्यों के लिए किया जाए, जैसे कि निर्माण कार्य, बागवानी और धूल नियंत्रण के उपाय; जिससे ताजे पानी पर निर्भरता कम हो सके। श्री ढेसी ने कहा कि अनुपालन की निगरानी के लिए सभी संबंधित स्थानों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं, जिसमें पीने के पानी के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नज़र रखेगा, ताकि विभिन्न विभागों में प्रभावी कार्यान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

बजट घोषणाओं और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा

‘हरियाणा विजन 2047’ रोडमैप के अनुरूप प्रमुख बजट घोषणाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सड़क, जल आपूर्ति और सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि वाटिका चौक से एनएच-48 तक एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, दादी सती चौक पर फ्लाईओवर के लिए टेंडर भी प्राधिकरण द्वारा इसी महीने जारी किया जाएगा। मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन और बख्तावर चौक पर ग्रेड सेपरेटर (सड़क-विभाजक) के अलाइनमेंट के लिए मेट्रो अधिकारियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि गुरुग्राम-पटौदी रोड पर हरसरू बाईपास से वज़ीरपुर होते हुए झज्जर तक 6-लेन की सड़क के निर्माण के लिए एक सलाहकार (कंसल्टेंट) नियुक्त किया जा रहा है।

जल उपचार क्षमता को बढ़ाने के लिए, जीएमडीए ने बसई और चंदू बुधेरा जल उपचार संयंत्रों में अतिरिक्त 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाली फिल्ट्रेशन इकाइयों के लिए टेंडर जारी किए हैं, जिससे शहर में जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को काफी मजबूती मिलेगी। मानेसर नगर निगम द्वारा 25 एमडब्लू क्षमता वाला ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (कचरे से ऊर्जा बनाने वाला) संयंत्र स्थापित करने का कार्य शुरू किया जा रहा है, और इस परियोजना के लिए एक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एचएसआईआईडीसी ने मानेसर में 20 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट प्लांट के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया है।

पर्यावरण अनुपालन और वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के लिए तैयार की गई नगर कार्य योजना के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई, विशेष रूप से धूल नियंत्रण, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट निपटान, मशीनीकृत सफाई और हरित क्षेत्रों के विकास के क्षेत्रों में। अध्यक्ष ने विभागों को जमीनी स्तर पर प्रयास तेज करने, स्वच्छता अभियान चलाने और पर्यावरण स्थितियों में स्पष्ट सुधार लाने के लिए उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एचएसवीपी को सेक्टर 29 में सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

शहरी गतिशीलता को सुदृढ़ बनाना

शहरी गतिशीलता के संबंध में, जीएमसीबीएल के सीईओ ने बताया कि शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए, राज्य सरकार द्वारा 200 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है और जीएमडीए द्वारा सेक्टर 65 और मानेसर में अतिरिक्त बस डिपो विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। शहर की बढ़ती परिवहन मांगों को पूरा करने के लिए अनुमोदन में तेजी लाने और लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश जारी किए गए।

श्री ढेसी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति पर उच्च स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।

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Author: Bharat Sarathi

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