वानप्रस्थ की पहल: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मोक्ष आश्रम की 25 महिलाओं का सम्मान

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हिसार, 18 मार्च। वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कैमरी रोड स्थित मोक्ष आश्रम से आई 25 वरिष्ठ महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुई। क्लब की सदस्य श्रीमती सुनीता बहल एवं उनकी टीम ने तिलक लगाकर और गुलाब का फूल भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि के रूप में मोक्ष आश्रम की पैट्रन श्रीमती पंकज संधीर उपस्थित रहीं, जिनका स्वागत क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डाँग सहित अन्य सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

अपने स्वागत भाषण में डॉ. जे. के. डाँग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस नारी शक्ति, समर्पण और उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने विशेष रूप से मोक्ष आश्रम से आई वरिष्ठ महिलाओं को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपनत्व और सम्मान साझा करने का माध्यम है।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। श्रीमती राजरानी और मधु सैनी की रागनियों ने सभी को मंत्रमुग्ध किया, वहीं सुनीता महतानी के निर्देशन में समूहगान “जीवन चलने का नाम…” की प्रस्तुति पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इसके अलावा राजरानी मल्हान के निर्देशन में डॉ. सत्य सावंत, इंदु गहलावत, सुदेश गांधी, मधु सैनी और कृष्णा हुड्डा ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।

मोक्ष आश्रम से आई महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक भूतपूर्व प्रोफेसर ने बुजुर्गों को आत्मनिर्भर रहने की सलाह देते हुए कहा कि जीवनभर की संपत्ति को पूरी तरह बच्चों को सौंपने से पहले अपने भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं व्हीलचेयर पर आई रानी ने भजन प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया।

डिग्निटरी फाउंडेशन, मुंबई से आई ललिता ने भी नृत्य प्रस्तुति देकर सभी को उत्साहित किया, जिसमें स्वयं मुख्य अतिथि पंकज संधीर ने भी भाग लिया। डॉ. सत्य सावंत के भजन और अंताक्षरी व मनोरंजक खेलों ने कार्यक्रम में उत्साह बनाए रखा।

इस अवसर पर क्लब की ओर से मोक्ष आश्रम की महिलाओं को शॉल, तौलिए, मग और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्रीमती पंकज संधीर ने अपने संबोधन में महिला दिवस की थीम “गिव टू गेन” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूसरों को सहयोग, संसाधन और ज्ञान देना ही सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और अधिकार देना न केवल उनके जीवन को बदलता है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मंच संचालन डॉ. सुनीता शिओकंद ने किया, जिन्होंने महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को समान अवसर और अधिकार मिलने से ही समाज का समग्र विकास संभव है।

कार्यक्रम के अंत में क्लब के अध्यक्ष डॉ. एस. के. अग्रवाल ने महिला दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण के बिना समाज की प्रगति अधूरी है। उन्होंने मुख्य अतिथि और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

समारोह के समापन पर सभी सदस्यों ने मोक्ष आश्रम की महिलाओं के साथ जलपान किया और स्मृति स्वरूप फोटो भी खिंचवाए।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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