-गंदे पानी ने तबाही मचा दी है, कहीं हेपेटाइटिस, तो कहीं कैंसर का हो रहा है प्रकोप
-सिर्फ 15 दिनों में पंद्रह मौतें प्रशासनिक लापरवाही की हद दिखाती हैं
-छाइंसा हादसे की हाई-लेवल, टाइम-बाउंड जांच होनी चाहिए और दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए
चंडीगढ़, 18 फरवरी। पलवल जिले के छाइंसा गांव में गंदे पानी से हुई मौतों और बीमारियों के फैलने ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। कांग्रेस की महासचिव, पूर्व मंत्री और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने इस घटना पर हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक गांव की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में खराब हो रहे पीने के पानी के सिस्टम की एक बुरी झलक है।
मीडिया को जारी एक बयान में सांसद सैलजा ने कहा कि सिर्फ 15 दिनों में 15 मौतें, जिनमें छह मासूम बच्चे भी शामिल हैं, प्रशासनिक लापरवाही की हद दिखाती है। उन्होंने कहा कि घरों में बिना सही क्लोरीनेशन या प्यूरिफिकेशन के पानी सप्लाई किया जा रहा था, जिससे जानलेवा बीमारियाँ हो रही हैं। टेस्ट किए गए 107 पानी के सैंपल में से 23 क्वालिटी चेक में फेल हो गए, और कई सैंपल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का मिलना साफ़ दिखाता है कि लोगों को गंदा पानी सप्लाई किया गया था। कुमारी सैलजा ने कहा कि 1,500 से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 800 से ज़्यादा ओपीडी जांच और सैकड़ों ब्लड सैंपल इक_ा करने के बाद भी, सरकार ने तुरंत एक्शन नहीं लिया। गाँव वाले बुखार, पीलिया, उल्टी और पेट दर्द से परेशान होते रहे, जबकि जि़म्मेदार विभाग व अधिकारी चुपचाप देखते रहे।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मामला सिर्फ़ पलवल तक ही सीमित नहीं है। सिरसा से लेकर पलवल तक, हरियाणा के कई हिस्सों में साफ़ पीने के पानी की भारी कमी और क्वालिटी की गंभीर चिंताएँ हैं। कुछ जगहों पर हेपेटाइटिस फैल रहा है, जबकि दूसरी जगहों पर कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, यह लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। कुमारी सैलजा ने सवाल किया कि जब लोगों के नलों तक साफ पानी नहीं पहुंच रहा है, तो सरकार तथाकथित अमृत काल में तरक्की का दावा कैसे कर सकती है। अगर पानी ही ज़हर बन जाए तो आम नागरिक की जि़ंदगी कैसे सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या गरीब और किसान समुदायों की जि़ंदगी को बेकार समझा जा रहा है। सैलजा ने छाइंसा घटना की हाई-लेवल और समय पर जांच, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, प्रभावित परिवारों को सही मुआवजा और पीने के पानी की क्वालिटी टेस्ट करने के लिए राज्य भर में एक खास ड्राइव की मांग की ताकि यह पक्का हो सके कि भविष्य में ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो।









