हरियाणा-हिमाचल-बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव – ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज

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महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव – 5 मार्च तक नॉमिनेशन –

दिल्ली, 18 फरवरी 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि चुनाव आयोग ने 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। 16 मार्च 2026 को वोटिंग होगी। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में चुनाव कराए जाएंगे। हरियाणा की 2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। किरण चौधरी-रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल खत्म हो रहा है।

महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार की सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। ये सीटें अप्रैल महीने में अलग-अलग तारीखों को खत्म हो रही है। गौरतलब है कि राज्यसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है। लेकिन हर एक तिहाई सीटों के लिए हर दो साल पर चुनाव कराए जाते हैं। इस वजह से ही राज्यसभा को स्थाई सदन कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि लोकसभा की तरह राज्यसभा कभी भंग नहीं होती है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद नामांकन के लिए आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है। वहीं नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 मार्च 2026 है। 16 मार्च 2026 को चुनाव होंगे। उसी दिन शाम के पांच बजे से वोटों की गिनती शुरु हो जाएगी।

कैसे कराए जाते हैं राज्यसभा चुनाव –

पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि राज्यसभा के चुनाव लोकसभा से बहुत अलग होते हैं। यहां जनता सीधे वोट नहीं डालती। राज्यसभा के सदस्यों को राज्यों की विधानसभाओं के विधायक (MLAs) चुनते हैं। यह अप्रत्यक्ष चुनाव होता है। राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं, जिनमें से 233 सदस्य राज्यों और कुछ केंद्रशासित प्रदेशों से चुने जाते हैं और 12 को राष्ट्रपति नामित करते हैं। हर सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर 2 साल में करीब एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं, इसलिए चुनाव नियमित रूप से होते रहते हैं।

चुनाव की प्रक्रिया खास है। विधायक बैलेट पेपर पर वोट डालते हैं। यह खुला मतदान होता है, यानी पार्टी को अपना वोट दिखाना पड़ता है। हर विधायक अपनी पसंद के उम्मीदवारों को नंबर देता है जैसे 1, 2, 3… (वरीयता के आधार पर)। अगर कोई उम्मीदवार पहले ही जरूरी वोट (कोटा) पा ले, तो उसके अतिरिक्त वोट दूसरी पसंद पर चले जाते हैं।

इससे छोटे-बड़े दलों को भी सीट मिल सकती है, लेकिन ज्यादातर बड़ी पार्टियां जीतती हैं। अगर उम्मीदवार रिक्त सीटों से कम या बराबर हों, तो बिना वोटिंग के ही निर्वाचित हो जाते हैं। यह तरीका इसलिए बनाया गया है ताकि राज्यसभा में सभी राज्यों का संतुलित प्रतिनिधित्व हो और राजनीतिक दल अपनी ताकत के हिसाब से सदस्य भेज सकें। बड़े राज्यों में ज्यादा सीटें होती हैं।

हरियाणा की 2 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को चुनाव होगा। इसके लिए उम्मीदवारों को 5 मार्च तक नामांकन दाखिल करना होगा। भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 तक है। अभी ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं।

जांगड़ा और चौधरी निर्विरोध सांसद बने थे –

राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद बने थे। उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक है। वे निर्विरोध चुने गए थे। वहीं, किरण चौधरी 27 अगस्त 2024 को राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दीपेंद्र ने रोहतक से सांसद बनने के बाद इस्तीफा दिया था।

भाजपा-कांग्रेस को एक-एक सीट मिल सकती है –

पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। राज्यसभा की सीट को जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 31 वोट चाहिए होंगे। ऐसे में पूरी संभावना है कि भाजपा व कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आएगी। वर्तमान में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 48 विधायक हैं और 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

भाजपा दूसरी सीट तभी जीत सकती है, जब 7 विधायक क्रॉस वोटिंग करें, जो कि काफी मुश्किल है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बीजेपी दूसरी सीट के लिए प्लानिंग कर चुकी है। बताया जा रहा है कि करीब 8 कांग्रेस विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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