पंचकुला में एचपीएससी भर्ती पर बवाल: युवा कांग्रेस पर लाठीचार्ज, सरकार पर सत्ता दुरुपयोग का आरोप

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एचपीएससी भर्ती विवाद पर पंचकुला में उबाल

युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, वेदप्रकाश विद्रोही ने सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार और दमन के आरोप

रेवाडी/पंचकुला,18 फरवरी 2026 । स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने पंचकुला स्थित हरियाणा लोक सेवा आयोग में सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार और हरियाणवी युवाओं के साथ भेदभाव के विरोध में युवा कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हरियाणा पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और पानी की बौछारों को भाजपा सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग की पराकाष्ठा बताया।

विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पुलिस बल का सहारा लेने की बजाय स्वयं आगे आकर प्रदर्शनकारी युवाओं से संवाद करना चाहिए था और उनके दर्द को समझना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, प्रदेश में कई नेता मुख्यमंत्री बने हैं और आगे भी बनेंगे, लेकिन युवाओं के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ पहले कभी नहीं हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में जिस प्रकार युवाओं के हितों की अनदेखी हुई, वही स्थिति वर्तमान सरकार में भी बनी हुई है। विद्रोही ने सवाल उठाया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग का गठन युवाओं को प्रथम और द्वितीय श्रेणी की नौकरियों में भर्ती करने के लिए हुआ है या उन्हें रिजेक्ट करने के लिए?

उन्होंने कहा कि आयोग बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की एजेंसी बनने के बजाय “हरियाणा रिजेक्शन आयोग” बनता जा रहा है। उनका आरोप है कि भाजपा शासन से पहले हरियाणा के युवा देशभर में विभिन्न परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा के दम पर शीर्ष स्थान प्राप्त करते थे, लेकिन अब वही युवा आयोग की नजर में अयोग्य घोषित किए जा रहे हैं, जबकि बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को नौकरियां दी जा रही हैं।

विद्रोही ने एचपीएससी में खुले भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरियां मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर नहीं, बल्कि कथित “पर्ची-खर्ची” और पैसों के दम पर दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि आयोग के वर्तमान चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके कार्यकाल में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की भर्तियों की जांच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल (SIT) से करवाई जाए।

विद्रोही ने कहा कि यदि समय रहते पारदर्शी जांच नहीं हुई तो युवाओं में रोष और बढ़ेगा तथा प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।

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Author: Bharat Sarathi

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