ऋण, डिजिटल लेनदेन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रगति पर हुई चर्चा, बैंक प्रतिनिधियों को परफोर्मेंस में सुधार लाने की दी हिदायत
गुरुग्राम, 13 फरवरी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को बैंक प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में रेहड़ी-पटरी (स्ट्रीट वेंडर) विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें आसान ऋण उपलब्ध कराने, डिजिटल भुगतान अपनाने तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
स्ट्रीट वेंडरों के लिए आसान ऋण सुविधा पर जोर
बैठक में बताया गया कि पीएम स्वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य स्कोट्रेईटी वेंडर्स को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को पुनः स्थापित और विस्तारित कर सकें। योजना के तहत विक्रेताओं को चरणबद्ध तरीके से ऋण दिया जाता है, जिससे वे समय पर भुगतान कर आगे अधिक राशि प्राप्त कर सकें। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी का भी लाभ मिलता है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा, कैशबैक का भी लाभ
बैठक में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। बताया गया कि विक्रेताओं को यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय पारदर्शी बने और उन्हें अतिरिक्त कैशबैक प्रोत्साहन भी मिल सके। इसके अलावा, समय पर ऋण चुकाने वाले पात्र विक्रेताओं के लिए यूपीआई से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी दैनिक पूंजी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
“स्वनिधि से समृद्धि” कार्यक्रम पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में “स्वनिधि से समृद्धि” पहल की प्रगति पर भी विचार किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इनमें जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, श्रम योगी मानधन पेंशन योजना, मातृत्व लाभ योजनाएं और राशन सुविधा जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिससे विक्रेताओं को व्यापक सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
शहरी अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट वेंडरों की महत्वपूर्ण भूमिका
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि स्ट्रीट वेंडर शहर की अर्थव्यवस्था और जनजीवन का अहम हिस्सा हैं। वे सस्ते सामान और सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और शहर की सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाते हैं।
लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
निगमायुक्त द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र विक्रेताओं की पहचान कर अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ा जाए। साथ ही बैंकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को लंबित न रखें और उन पर जल्द निर्णय करें। अगर कोई बैंक कोताही बरतेगा, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना न केवल स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें डिजिटल और सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों से उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिक विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा और शहरी आजीविका मजबूत होगी।








