जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता की सेवा के लिए, शिकायतों का त्वरित समाधान हो प्राथमिकता- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

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*कैथल जिला कष्ट निवारण समिति में कई मामलों का मौके पर निपटारा, गंभीर हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के पुनः निर्देश- अनिल विज*

*शिकायतों को अनावश्यक लंबित न रखें अधिकारी, सुशासन की पहचान है शीघ्र निस्तारण- विज*

*श्रम विभाग की कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित – विज*

*आप पार्टी के आरोप निराधार, जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश- विज*

चण्डीगढ़, 13 फरवरी। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का दायित्व है कि वे इस प्रकार कार्य करें जिससे आमजन को समय पर न्याय और योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम और अधिकारी जनता के लिए हैं, इसलिए हमारी प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान होना चाहिए।”

श्री विज आज कैथल में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान प्राप्त अनेक शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि कुछ जटिल मामलों को आवश्यक कार्रवाई हेतु लंबित रखा गया है।

मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि एक हत्या से संबंधित गंभीर मामला, जो लंबे समय से लंबित चल रहा है और जिसमें पुलिस अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है, उसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील और गंभीर है, इसलिए इसकी निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच आवश्यक है। पूर्व बैठकों में भी इस संबंध में सीबीआई जांच हेतु पत्राचार किया गया था और आज उन्होंने गृह सचिव से बातचीत कर इस मामले को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मामला सीबीआई को औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं हो जाता, तब तक पुलिस अपनी ओर से जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी रखेगी। संबंधित मामले में पुलिस द्वारा न्यायालय में अर्जी दाखिल की जा चुकी है तथा न्यायालय की अनुमति मिलने पर आरोपियों का नार्काे टेस्ट भी कराया जाएगा।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री विज ने दोहराया कि शासन-प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने स्तर पर निपटाए जा सकने वाले मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें, बल्कि उनका तत्काल समाधान करें। विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों की शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का शीघ्र निस्तारण ही सुशासन की पहचान है।

श्रम विभाग में कथित 1500 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर श्रम मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर मामले की जांच हेतु समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए थे। जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा जांच की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि तथ्यों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा नई रणनीति बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि उनकी पार्टी टुकडे-टुकडे पार्टी है और अब ये यदा-कदा टुकडों को जोडने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन वह फिर टूट जाते हैं।

आप पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के मामलें को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जी ने जवाब दे दिया है, कि मैं तो जानता भी नही, और मुझे उस नाम का भी नहीं पता। ऐसा लगता है कि आप पार्टी पंजाब में लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।

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Author: Bharat Sarathi

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