सेल के तहत निर्धारित 40 क्रिटिकल पॉइंट्स में बड़ी प्रगति, अधिकांश समस्याओं का हुआ समाधान, शेष परियोजनाएँ अप्रैल–मई तक होंगी पूरी

गुरुग्राम, 13 फरवरी। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में सीवर, जलनिकासी और आधारभूत ढांचे से जुड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए चलाए जा रहे “क्रिटिकल एस-40 प्वाइंट्स” अभियान में उल्लेखनीय प्रगति सामने आई है। हालिया समीक्षा के अनुसार कई स्थानों पर कार्य पूरी तरह सम्पन्न हो चुका है, जबकि अनेक परियोजनाएँ तेज गति से जारी हैं और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरस्वती एन्क्लेव में मास्टर सीवर लाइन का कार्य पूरा
निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सिवरेज मैनेजमैंट सेल की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वार्ड-9 के सारस्वती एन्क्लेव क्षेत्र में नई सीवर लाइन, जल आपूर्ति लाइन और सड़कों से संबंधित कार्य किए गए हैं। पटौदी रोड के साथ मास्टर सीवर लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र की जल निकासी समस्या में सुधार हुआ है।
मोहम्मदपुर झाड़सा और बादशाहपुर में सीवर सफाई से राहत
वार्ड-17 के मोहम्मदपुर झाड़सा में सीवर लाइनों का व्यास पर्याप्त पाया गया, लेकिन सिल्ट जमा होने के कारण समस्या थी। डी-सिल्टिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार वार्ड-18 के नूरपुर मोड़ और बादशाहपुर क्षेत्र में बड़े व्यास की सीवर पाइपलाइन की सफाई सुपर सकर मशीन से की गई और समस्या का समाधान कर लिया गया।
प्रेमपुरी और उल्लावास में सीवर समस्याएँ सुलझीं
वार्ड-13 के प्रेमपुरी में बकेट मशीन से सीवर लाइन की सफाई का कार्य लगभग 17 लाख रुपये की लागत से कराया गया, जिससे क्षेत्र की समस्या दूर हो गई। वार्ड-20 के उल्लावास गांव में कोई बड़ी समस्या नहीं पाई गई, हालांकि समय-समय पर होने वाली सीवर ब्लॉकेज की शिकायतों को जेटिंग और सुपर सकर मशीन से तुरंत दूर किया जा रहा है।
बंधवाड़ी गांव में सम्प वेल निर्माण से समाधान
बंधवाड़ी गांव में सीवर नेटवर्क अधूरा होने और STP तक पानी गुरुत्वाकर्षण से न पहुँच पाने के कारण समस्या बनी हुई थी। इसके समाधान के लिए सम्प वेल का निर्माण कराया गया, जिससे सीवेज प्रबंधन में सुधार हुआ है।
सेक्टर-42 और 43 में सीवर व्यवस्था सुचारु
सेक्टर-42 में कोई बड़ी समस्या नहीं है और नियमित शिकायतों का निस्तारण मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है। सेक्टर-43 में पहले पंपिंग सिस्टम में खराबी के कारण समस्या आती थी, लेकिन अब सीवर लाइन को जीएमडीए मास्टर लाइन से ट्रेंचलेस तकनीक के माध्यम से जोड़ दिया गया है, जिससे व्यवस्था सुचारु हो गई है।
लक्ष्मी गार्डन और राजेंद्रा पार्क में भी कार्य पूर्ण
लक्ष्मी गार्डन क्षेत्र में सीवर लाइन की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है। राजेंद्रा पार्क में द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे बड़ी व्यास की पाइप लाइन डालने का ट्रेंचलेस कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा धनवापुर एसटीपी से राजेंद्रा पार्क तक मास्टर सीवर लाइन के डी-सिल्टिंग और सुदृढ़ीकरण कार्य भी किए गए हैं तथा सराय अलावर्दी एसटीपी में अतिरिक्त सीवेज पंप भी स्थापित किया गया है।
अधिकांश मामलों में “100% कार्य पूर्ण”
अधिकारियों ने बताया कि एसएमसी में सूचीबद्ध अधिकांश एस-40 पॉइंट्स में विकास कार्य 100 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं या समस्याएँ पूरी तरह सुलझा दी गई हैं। इससे शहर के विभिन्न इलाकों में सीवर और जल निकासी से जुड़ी परेशानियों में काफी राहत मिली है।
अप्रैल तक कई परियोजनाएँ पूरी करने का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि कुछ बड़े कार्य अभी प्रगति पर हैं और उन्हें 30 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें मुख्य रूप से झाड़सा गांव में ट्रंक सीवर लाइन का प्रतिस्थापन, इस्लामपुर कॉलोनी और सेक्टर-38 में सीवर सफाई, मोहयाल कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था सुधार, सेक्टर-31 और एलआईजी कॉलोनी में सीवर लाइन की सफाई, राजीव नगर, प्रेम नगर, आचार्य पुरी और गंगा विहार में डी-सिल्टिंग कार्य आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं में अधिकांश कार्य 50% से 90% तक पूरा हो चुका है।
राजेंद्र पार्क में बड़े पैमाने पर सुधार कार्य
राजेंद्र पार्क क्षेत्र को शहर के सबसे संवेदनशील इलाकों में माना गया है क्योंकि यह निम्न क्षेत्र (लो-लाइंग एरिया) होने के कारण बार-बार सीवर ओवरफ्लो की समस्या झेलता रहा है। यहां कई स्तरों पर कार्य चल रहे हैं, जिनमें भारी सिल्ट से भरी मुख्य लाइनों की सफाई, नई 1200 मिमी सीवर लाइन बिछाने की योजना, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का पुनर्वास, आंतरिक सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग एसटीपी तक जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करना आदि शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य पूरे होने के बाद क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या समाप्त हो जाएगी।
अप्रैल-मई तक कुछ अतिरिक्त कार्य पूरे होंगे
कुछ अन्य क्षेत्रों में कार्य अप्रैल-मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिनमें सेक्टर-10 में स्टॉर्म वाटर ड्रेन चौड़ीकरण और डी-सिल्टिंग, खांडसा गांव में सीवर लाइन प्रतिस्थापन, बसई पार्ट-2 में सफाई कार्य, बेगमपुर खटोला में मुख्य सीवर लाइन की डी-सिल्टिंग, चक्करपुर, कन्हई गांव, सेक्टर-45 और सुशांतलोक सी-ब्लॉक में कार्य आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं में कई स्थानों पर कार्य 25% से 50% तक पूरा हो चुका है।
शहर की सीवर व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि एस-40 प्वाइंट्स पर चल रही यह कार्रवाई शहर में लंबे समय से चली आ रही सीवर और जलभराव की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निगम का लक्ष्य है कि सभी चिन्हित बिंदुओं को तय समय सीमा में हल कर नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।








