राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने की कथित धमकी लोकतंत्र पर धब्बा: वेदप्रकाश विद्रोही

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— अमेरिका से व्यापार समझौते, एपस्टीन प्रकरण और उद्योगपतियों से जुड़े मुद्दे उठाने पर कार्रवाई की आशंका जताई

रेवाडी,13 फरवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश के लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की कथित धमकी इसका उदाहरण है।

विद्रोही ने कहा कि जब लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष के नेता की सदस्यता समाप्त करने और उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने का प्रस्ताव सदन में लाने का प्रयास किया जाता है, तो यह लोकतंत्र और संविधान के भविष्य पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने इसे सत्ता के दुरुपयोग की आशंका बताते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष के नेता द्वारा अमेरिका से हुए एकतरफा व्यापार समझौते, तथाकथित एपस्टीन प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों में भारतीय नेताओं और उद्योगपतियों के कथित कृत्यों तथा उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े मामलों को सदन में उठाने पर उनकी सदस्यता रद्द करने और आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की बात कही जाती है, तो यह लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास माना जाएगा। विद्रोही के अनुसार, विपक्ष की आवाज दबाने से संविधान की भावना आहत होती है और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सीमित हो जाती है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने आम नागरिकों से लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता समय रहते सचेत नहीं हुई, तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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