पटौदी, रामलीला मैदान में हुआ भव्य मेले का आयोजन
मेले में नशामुक्ति अभियान के तहत भी लोगों को किया जागरूक

पटौदी, 06 फरवरी 2026 – शिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर द्वारा भव्य द्वादश ज्योतिर्लिंगम मेले का रिबन काटकर शुभारम्भ हुआ। पटौदी रामलीला मैदान में 5 फरवरी से 9 फरवरी तक चलने वाले मेले में परमात्मा शिव के सबसे प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगम की झांकी लगाई गई है। साथ ही नशामुक्ति अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मेले में आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को भारत के प्राचीन राजयोग की जानकारी दी जा रही है। मेले में भारतीय सनातन संस्कृति की अद्भुत झलकियों को सम्मिलित किया गया है। ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से परमात्मा शिव के दिव्य कर्तव्यों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। भारतीय संस्कृति में शिव और शक्ति का विशेष गायन है। जिसकी छटा मेले के माध्यम से उकेरी गई है।

मेले के उदघाटन सत्र में बोलते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने आयोजन के प्रति अपना प्रेरक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य परमात्मा के सत्य स्वरूप की जानकारी देना है। शिवरात्रि के बारे में उन्होंने कहा कि रात्रि शब्द अज्ञान अंधकार का प्रतीक है। जब सृष्टि पर अज्ञान अपने चरम पर पहुंच जाता है और मानव पांच विकारों से ग्रस्त होकर बुरे कर्म करता है। तब ही परमात्मा का दिव्य अवतरण होता है। उन्होंने कहा कि केवल परमात्मा शिव की ही पूजा लिंग के रूप में होती है। लिंग वास्तव में ज्योति स्वरूप का प्रतीक है। परमात्मा शिव को ही सभी धर्मों के लोग ज्योति अथवा प्रकाश के रूप में मानते हैं। उन्होंने कहा अगर सभी लोग ये जान जाएं कि परमात्मा एक है। उसका असली नाम शिव है तो आपसी झगड़े सब खत्म हो जाएंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से पटौदी के उप मंडल अधिकारी दिनेश कुमार एवं पटौदी जटौली मंडी नगर परिषद के अध्यक्ष प्रवीण ठाकरिया भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर के सम्मानित व्यक्तियों सहित अनेक लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम में परमात्मा शिव का ध्वज लहराकर सबने एक दूसरे को शिव जयंती की बधाईयां भी दी। साथ ही जीवन में श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने की प्रतिज्ञा भी की गई।









