PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती में 1711 में से सिर्फ 39 अभ्यर्थी पास, चेयरमैन की बर्खास्तगी और निष्पक्ष जांच की मांग

नई दिल्ली/चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह “सिलेक्शन कमीशन” की बजाय “रिजेक्शन कमीशन” बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार भर्तियों को लेकर हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है।
हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद HPSC द्वारा PGT कंप्यूटर साइंस के 1711 पदों का परिणाम घोषित किया गया, लेकिन केवल 39 अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए, जबकि 1672 पद खाली रह जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी कई भर्तियों में पद खाली रखे गए हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि HPSC हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की बजाय “गैर-हरियाणवी पब्लिक सर्विस कमीशन” बन गया है, क्योंकि अधिकांश चयन बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का हो रहा है। उनका कहना है कि हरियाणा के युवा यूपीएससी और अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर लेते हैं, लेकिन HPSC कथित तौर पर उन्हें अयोग्य ठहरा रहा है।
दीपेंद्र हुड्डा ने मांग की कि HPSC चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त कर किसी हरियाणवी को नियुक्त किया जाए। साथ ही आयोग को भंग कर भर्ती से जुड़े कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच कर केवल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।









