ट्रांसफर पॉलिसी व ठेका कर्मियों को पक्का करने की मांग पर बिजली कर्मचारियों की जोन स्तरीय भूख हड़ताल

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12 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल में बढ़-चढ़कर शामिल होने का ऐलान

गुरुग्राम, 05 फरवरी। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशनज वर्कर यूनियन के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का विरोध करते हुए और हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ठेका कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर कार्यालय पर सांकेतिक भूख हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

भूख हड़ताल की अध्यक्षता राज्य उपप्रधान जितेंद्र तेवतिया ने की। इसमें जोन कमेटी के पदाधिकारी शब्बीर अहमद गनी (राज्य वरिष्ठ उपप्रधान), सुदामपाल, सरोज दहिया (राज्य उपप्रधान), समून खान, सुशील शर्मा, संजय सैनी (राज्य सचिव), राजन वर्मा और डालचंद (केंद्रीय सदस्य) सहित कई कर्मचारी शामिल हुए।

भूख हड़ताल के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 12 फरवरी की राष्ट्रीय आम हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का फैसला लिया गया। हड़ताल समाप्ति पर बिजली मंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता श्यामवीर सैनी को सौंपा गया।

राष्ट्रीय हड़ताल की तैयारियों के तहत सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू का जत्था प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री के नेतृत्व में आंदोलन स्थल पहुंचा। उनके साथ देवी सिंह (पूर्व चेयरमैन, एएचपीसी), जोगिंदर करोंथा (राज्य उपप्रधान), सुनील चंडालिया (उपमहासचिव, नगरपालिका संघ), जिला प्रधान बसंत, सुशील, ऊषा सरोहा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार बजट सत्र के दूसरे चरण में बिजली संशोधन बिल संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली में समानांतर लाइसेंसिंग लागू करना है। इससे निजी कंपनियों को भी बिजली वितरण के लाइसेंस मिलेंगे और वे लाभकारी उपभोक्ताओं को चुन सकेंगी, जबकि सरकारी निगमों पर किसानों, ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली देने का दबाव बढ़ेगा। इससे निगमों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और कर्मचारियों की छंटनी का खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी समाप्त होने पर बिजली दरों में वृद्धि होगी, जिससे गरीब और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए यह बिल कर्मचारियों, निगमों और आम जनता के हितों के खिलाफ है और कर्मचारी 12 फरवरी को हड़ताल कर इसका विरोध करेंगे।

राज्य उपाध्यक्ष जितेंद्र तेवतिया ने आरोप लगाया कि सरकार दिसंबर 2025 में आए हाईकोर्ट के फैसले को लागू कर ठेका कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय अपील की तैयारी कर रही है, जो निंदनीय है। उन्होंने सरकार से फैसले को लागू कर कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने चेतावनी दी कि यदि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को जबरन लागू किया गया तो दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि तकनीकी कर्मचारियों के लिए अचानक दूसरे फीडर पर काम करना जोखिम भरा होता है। उन्होंने कर्मचारियों से 12 फरवरी की हड़ताल में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

सांकेतिक भूख हड़ताल में हजारों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर सर्कल सचिव राजेश शर्मा, अमरजीत जाखड़, सचितानंद, नवीन यादव, रामकेश सहारण, वेद प्रकाश कर्दम, भूप सिंह कौशिक, अशरफ खान, प्रवेश बैसला, जितेंद्र दीक्षित, सतेंद्र यादव, विजयपाल पावर, पवन गोयल, नरेंद्र सोरोत, वेदपाल तेवतिया, राजकुमार डागर, योगराज दीक्षित, पवन शर्मा सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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