चंडीगढ़, 3 फरवरी: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों के साथ हो रही लगातार लूट पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को ठगने के नए-नए पैंतरे अपनाती जा रही हैं। यूरिया के बैग में वजन घटाकर एक नया फार्मूला शुरू कर दिया गया है।
हुड्डा ने कहा कि पहले यूरिया का बैग 50 किलो का होता था। फिर इसे घटाकर 45 किलो कर दिया गया, और अब इसे मात्र 40 किलो कर दिया गया है। नए बैग में 37% नाइट्रोजन और 17% सल्फर होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कीमत वही पुरानी Rs 254 रखी गई है। यानी नाम वही, दाम वही, लेकिन हर साल किसानों को कम मात्रा मिल रही है। बीजेपी सरकार लगातार महंगाई व खेती की लागत बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ने में लगी है।
उन्होंने आगे कहा कि अभी केंद्रीय बजट में भी बीजेपी की नीयत साफ नजर आई। भारत के इतिहास में यह शायद पहला बजट था, जिसमें किसानों का जिक्र ही नहीं किया। ना किसानों की कर्जमाफी के बारे में बजट में कुछ बोला गया, ना मुआवजे और ना ही एमएसपी के बारे में।
बीजेपी सरकार की तमाम नीतियां लगातार किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही हैं। खाद-बीज के साथ फसल बीमा के नाम पर भी उनसे करोड़ों रुपये की लूट हो रही है।
किसान पहले से ही एमएसपी ना मिलने, बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं, और ऊपर से यूरिया के वजन में कटौती ने जले पर नमक का काम किया है।







