सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सुलभ विधिक सहायता का व्यापक विस्तार
शहर के विभिन्न स्थलों पर विधिक जागरूकता शिविर और व्यक्तिगत परामर्श सत्र आयोजित
गुरुग्राम, 27 जनवरी-डीएलएसए गुरुग्राम ने वीर परिवार सहायता योजना 2025 के अंतर्गत विशेष विधिक जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। यह पहल हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में की गई, जिसका उद्देश्य सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रित परिवारों तक सुलभ विधिक सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
डीएलएसए गुरुग्राम ने शहर के बाजारों, विद्यालयों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, न्यायालय परिसरों, श्रमिक चौकों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विधिक जागरूकता शिविर एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में पैरा लीगल स्वयंसेवक और पैनल अधिवक्ताओं द्वारा वीर परिवार सहायता योजना एवं अन्य विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रमों में परामर्श सत्र, सहायता केंद्र, ब्रोशर, पोस्टर, क्यूआर कोड और ऑनलाइन विधिक सहायता तथा शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी का प्रचार किया गया। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया। प्राप्त शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान भी चलाया गया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए गुरुग्राम के मार्गदर्शन में तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, श्री राकेश कादियान ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीर परिवार सहायता योजना के माध्यम से सैनिकों और उनके परिजनों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करना डीएलएसए का संवैधानिक दायित्व है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति विधिक सहायता से वंचित न रहे।
इन गतिविधियों के माध्यम से डीएलएसए गुरुग्राम ने न केवल कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित किया, बल्कि संविधान में निहित न्याय, समानता और सेवा की भावना को भी मजबूत किया।







