हरियाणा में घोटालों की सरकार, समस्याओं की भरमार : हुड्डावोट चोरी के आरोप हो रहे साबित, प्रदेश में वोट चोरी की ही सरकार : हुड्डा

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चंडीगढ़ में नई विधानसभा का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, सरकार ने साधी चुप्पी

कहा-आम लोगों की पहुंच से दूर हुई जमीन, ईडीसी चार्ज में बढ़ोतरी ने डाला जख्मों पर नमक

चंडीगढ़, 23 जनवरी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार को कई मुद्दों पर कटघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि सरकार ना तो अपने चुनावी वादाें को पूरा कर रही है और न ही बजट घोषणाओं को सिरे चढ़ा रही है। लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। हुड्डा ने कहा कि सरकार ने घोटालों के नये रिकार्ड कायम किए हैं। किसानों की फसलों की पूरी कीमत नहीं मिलती। धान खरीद में पूर्व के वर्षों की तरह इस बार भी बड़े घोटाले सामने आए हैं।

शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम ने कहा कि फैमिली आर्ड लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है। लाखों की संख्या में गरीब लोगों के राशन कार्ड काट दिए गए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान राशन कार्ड बनाए गए और लोगों के वोट हासिल करने के बाद उनके नाम लिस्ट से बाहर कर दिए। इसे बड़ा घोटाला बताते हुए हुड्डा ने कहा कि यह भी भाजपा का वोट चोरी का ही एक तरीका है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हरियाणा के विधानसभा चुनावों में वोट चोरी व 25 लाख से अधिक फर्जी वोटरों का मुद्दा फिर से उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा – हम चुनाव के नतीजों के समय ये ही कह रहे हैं कि प्रदेश में वोट चोरी की सरकार है। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के निर्वाचन आयोग हमारे आरोपों का जवाब नही दे पाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग मौजूदा सरकार और इसकी नीतियों से पूरी तरह से त्रस्त हो चुके हैं।

चंडीगढ़ पर अधिकार के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार की कमजोरी की वजह से हमारा अधिकार कमजोर हो रहा है। चंडीगढ़ में ही हरियाणा की नई विधानसभा के लिए जमीन का प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में जा चुका है। इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मामले में सरेंडर कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह से एसवाईएल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बाद भी आज तक हरियाणा सरकार इसके लिए केंद्र से बात नहीं कर सकी है।

आम लोगों की पहुंच से दूर हुई जमीन
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। अपने घर का सपना आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। सरकार ने एक्सटर्नल डेवलेपमेंट चार्ज (ईडीसी) में बढ़ोतरी करके गरीब लोगों को एक और झटका दिया है। इस फैसले के बाद जमीनों के रेट और भी बढ़ेंगे। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का एक भी नया सेक्टर पिछले 11 वर्षों में विकसित नहीं हुआ है। सेक्टरों में ड्रा सिस्टम भी बंद करके ऑक्शन की जा रही है, जिससे आम लोगाें का सेक्टरों में घर बनाने का सपना भी टूट चुका है।

11 वर्षों में कोई बड़ा संस्थान नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल के दौरान हरियाणा में दर्जनों की संख्या में केंद्र स्तर के इंस्टीट्यूट आए। गुरुग्राम की डिफेंस यूनिवर्सिटी भी किसी और प्रदेश में शिफ्ट किए जाने के आरोप लगाते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा को शिक्षा का हब बनाया था। अब शिक्षण संस्थान बेहाली के दौर से गुजर रहे हैं। स्टॉफ की कमी है। बरसों से भर्ती नहीं हो रही। इस वजह से राज्य के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग भी गिर रही है।

बिजली और होगी महंगी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में यमुनानगर, खेदड़ व झज्जर में नये थर्मल पावर प्लांट स्थापित किए गए। पानीपत थर्मल प्लांट की क्षमता बढ़ाई। फतेहाबाद के गाेरखपुर में परमाणु उर्जा संयंत्र की नींव रखी गई लेकिन मौजूदा सरकार ने एक भी नया प्लांट नहीं लगाया है। उलटा प्लांट बंद करने का काम किया है। उन्होंने आशंका जताई कि हरियाणा में बिजली के दाम बढ़ाने की भी तैयारी हो रही है। इससे उपभोक्ताओं पर और भी आर्थिक बोझ पड़ेगा। गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे को जुमला बताते हुए हुड्डा ने कहा कि गांवों को तो छोड़ें शहरों में भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही।

उद्योग कर रहे प्रदेश से पलायन
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस राज में प्रदेश में सबसे अधिक औद्योगिक निवेश हुआ। अब प्रदेश में औद्योगिक माहौल नहीं होने की वजह से लगातार उद्योग हरियाणा से पलायन कर रहे हैं। छोटी-बड़ी 1400 के लगभग इकाइयां हरियाणा से पलायन कर चुकी हैं। प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था, लोगों से मांगी जा रही फिरौतियां, आए दिन हो रही हत्याओं की वजह से उद्योगपति खुद को प्रदेश में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उद्योगपतियों को ना तो सुरक्षा मिल रही है और न ही सुविधा।

बेरोजगारी के चलते बर्बाद हो रहे युवा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी आए दिन बढ़ रही है। सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। नियमित भर्तियां करने की बजाय सरकार कौशल रोजगार निगम के जरिये कांट्रेक्ट पर भर्ती करके युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। हरियाणा लोकसेवा आयोग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की अधिकांश भर्तियों पर विवाद है। हाईकोर्ट से भी फटकार पड़ चुकी है। नौकरियां भी हरियाणा से बाहर के युवाओं को दी जा रही हैं। इस वजह से प्रदेश के युवा भी डंकी रूट के जरिये विदेशों में जा रहे हैं। प्रदेश में नशे का प्रचलन भी बेरोजगारी की वजह से बढ़ रहा है।

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Author: Bharat Sarathi

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