सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद ने अपनी रचनाओं से मानवता को नई दिशा दी है : मोहन लाल बड़ौली
सांस्कृतिक आयोजन हमारी लोक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम : बड़ौली

चंडीगढ़, 23 जनवरी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि सूर्यकवि पंडित लख्मीचंद ने सांग, रागिनी और लोककाव्य के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को नई पहचान दी। पंडित लख्मीचंद का जीवन और कृतित्व आज भी हमारी सांस्कृतिक चेतना का मार्गदर्शन करता है। ये बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने सोनीपत के गांव जाटी कलां में लख्मीचंद की पुण्य स्मृति में आयोजित सांग उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
श्री बड़ौली ने सूर्यकवि पंडित लख्मीचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी लोक परंपराओं को संजोने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। इस मौके पर सोनीपत के जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज सहित कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि पंडित लख्मीचंद हरियाणवी संस्कृति, लोक परंपराओं और भाषा के मर्मज्ञ थे। उन्होंने कहा कि पंडित लख्मीचंद का रागनी और सांग के माध्यम से समाज में सच्चाई व नैतिकता फैलाने का बड़ा योगदान है। सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद ने अपनी रचनाओं से मानवता को नई दिशा दी है। सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद के गीत और सांग आज भी गांव-गांव में गूंजते हैं।
पंडित लख्मीचंद की रचनाओं को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए श्री बड़ौली ने कहा कि सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की रचनाओं में ज्ञान व विज्ञान होने के साथ ही जीवन का मार्गदर्शन भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी ने पंडित लख्मीचंद जैसे महान कवि दिए हैं जिनका आज सांस्कृतिक क्षेत्र में ऊंचा स्थान है। श्री बड़ौली ने हरियाणा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर रखना बहुत जरूरी है। इस तरह के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलता है।








