निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सिवरेज व मानसून प्रबंधन कार्यों की प्रगति की समीक्षा

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सिवरेज समस्याओं के स्थायी समाधान और जलभराव से निपटने के लिए तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

एसएमसी बैठक में वार्ड-वार कार्यों की समीक्षा, 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण, शेष पर तेज़ी से काम जारी

गुरुग्राम, 22 जनवरी। नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र में सिवरेज से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान तथा मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से गठित सिवरेज मैनेजमेंट सेल एवं मानसून मैनेजमेंट सेल की समीक्षा बैठक नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने की।

बैठक में बताया गया कि निगम क्षेत्र के दर्जनों संवेदनशील और चिन्हित स्थलों पर बकेट मशीन, सुपर सकर व जेटिंग मशीन के माध्यम से डी-सिल्टिंग कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है। कई वार्डों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान हो चुका है, जबकि शेष स्थानों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिवरेज मैनेजमेंट सेल: 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण

बैठक में जानकारी दी गई कि सिवरेज मैनेजमेंट सेल के गठन के समय नगर निगम क्षेत्र में सिवरेज से संबंधित समस्याओं वाले कुल 40 स्थानों की पहचान की गई थी। इन सभी स्थानों पर स्थायी समाधान के उद्देश्य से कार्य प्रारंभ किए गए, जिनकी समयसीमा अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। अब तक लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 30 प्रतिशत कार्य तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा।

एसएमसी समीक्षा के दौरान बताया गया कि वार्ड-9 के सरस्वती एन्क्लेव, शक्ति पार्क, सेक्टर-10, खांडसा में नई सीवर लाइन, जलापूर्ति लाइन, सड़क निर्माण व मास्टर सीवर लाइन के कार्य प्रगति पर हैं। पटौदी रोड पर मास्टर सीवर लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कई कार्यों के लिए डीपीआर स्वीकृत व टेंडर प्रक्रियाधीन हैं।वार्ड-14 के इंदिरा कॉलोनी, तिगरा में संवेदनशील पेट्रोलियम पाइपलाइन के कारण उत्पन्न तकनीकी समस्या के समाधान हेतु संबंधित एजेंसियों से एनओसी प्रक्रिया शुरू की गई है। जीएमडीए स्तर पर समन्वय से कई समस्याएं सुलझाई गई हैं। वार्ड-17 के नरसिंहपुर, मोहम्मदपुर झरसा, बेगमपुर खटोला में डी-सिल्टिंग कार्य अधिकांश स्थानों पर पूर्ण हो चुका है। बेगमपुर खटोला में 2 एमएलडी एसटीपी के लिए डीपीआर प्रस्तुत कर दी गई है और अंतर-विभागीय समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। वार्ड-20 के घाटा, उल्लावास, बंधवाडी, बहरामपुर में नियमित ब्लॉकेज शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। बंधवाडी में सम्पवेल निर्माण व पाइपलाइन बिछाने का कार्य 80% तक पूर्ण, शेष कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा।

इसी प्रकार वार्ड-21, 22, 23, 24 के सेक्टर-57, सेक्टर-42, सेक्टर-43, चक्करपुर, कन्हई, सेक्टर-45, सुशांत लोक-C ब्लॉक में डी-सिल्टिंग व ट्रेंचलेस कनेक्टिविटी जैसे कार्य प्रगति पर हैं। कई स्थानों पर सीवर अब सुचारु रूप से कार्य कर रहा है। वार्ड-26, 29, 34 के राजीव नगर, शिव विहार, संजय ग्राम, शिवाजी नगर, लक्ष्मी गार्डन व राजेंद्र पार्क जैसे निचले इलाकों में व्यापक डी-सिल्टिंग, मास्टर सीवर लाइन की सफाई और अतिरिक्त पंपिंग क्षमता बढ़ाने के कार्य किए जा रहे हैं।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। जहां एजेंसियों की प्रगति धीमी पाई गई है, वहां नोटिस व दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। साथ ही, मानसून से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क को पूरी तरह कार्यशील बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नगर निगम का लक्ष्य है कि सिवरेज मैनेजमेंट सेल के माध्यम से स्थायी समाधान, बेहतर समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए शहरवासियों को सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से राहत दिलाई जाएगी।

मानसून मैनेजमेंट सेल: 159 संभावित जलभराव स्थलों पर समाधान का लक्ष्य

मानसून मैनेजमेंट सेल की समीक्षा के दौरान एक विस्तृत ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया। इस ड्राफ्ट में सिविल कार्य, जीएमडीए ड्रेनों से लिंकिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य, तालाबों का चैनलाइजेशन, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत, नियमित सफाई एवं रखरखाव, ग्रीन बेल्ट व पार्कों का लेवल आवश्यकतानुसार नीचा करना तथा माइक्रो एसटीपी के सुचारू संचालन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार, शहर में 159 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां मानसून के दौरान जलभराव की संभावना रहती है। इन सभी स्थानों पर मानसून से पूर्व समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिवरेज एवं मानसून प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य आपसी समन्वय और उच्च गुणवत्ता के साथ किए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए फील्ड स्तर पर सतत निगरानी रखी जाए तथा सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा किया जाए।

बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी व यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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