प्रो. राजबीर सिंह का 21 फरवरी को कार्यकाल समाप्त, नए कुलपति के लिए विज्ञापन जारी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में कुलपति पद को लेकर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। वर्तमान कुलपति प्रो. राजबीर सिंह का कार्यकाल 21 फरवरी को समाप्त हो रहा है, ऐसे में हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने नए कुलपति की नियुक्ति के लिए औपचारिक विज्ञापन जारी कर दिया है।
विज्ञापन जारी होने को महज एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन के कामकाज पर सरकार की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। बीते कई महीनों से एमडीयू लगातार विवादों में रहा है, जिससे सरकार की किरकिरी भी हुई है।
छात्र संगठनों के आंदोलन, विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की एंट्री पर रोक, एमडीयूटा के पूर्व प्रधान डॉ. विकास सिवाच के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और इसके विरोध में चले लंबे धरना-प्रदर्शन ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। इन मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सरकार के स्तर पर भी असंतोष बताया जा रहा है।
विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहे। पहली बार शिक्षक भर्ती के लिए दिल्ली में कराए गए साक्षात्कार की प्रक्रिया ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के बीच तल्खी बढ़ा दी। सरकार के सूत्रों की मानें तो इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हुए, जिनका संतोषजनक जवाब प्रशासन नहीं दे पाया।
ऐसे हालात में नए कुलपति की नियुक्ति को सरकार द्वारा ‘प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने’ और विश्वविद्यालय में अनुशासन व पारदर्शिता बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगला कुलपति सरकार की नीतियों के अनुरूप काम करने वाला और विवादों पर सख्ती से अंकुश लगाने वाला चेहरा हो सकता है।
अब विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र इस बात पर नजर लगाए हुए हैं कि क्या नेतृत्व परिवर्तन से एमडीयू में सरकार और प्रशासन के बीच चली आ रही तनातनी खत्म होगी, या आने वाले दिनों में यह टकराव और गहराएगा।






