सरकार के वादों से नाराज़ महिलाओं ने उठाई आवाज, संघर्ष जारी रखने का ऐलान
गुडगांव, 18 जनवरी (अशोक) : रेवाड़ी जिले के गांव भगवानपुर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में अस्पताल या ट्रोमा सेंटर की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। रामगढ़–भगवानपुर अस्पताल बनाओ कमेटी के आह्वान पर वर्षों से चल रहे इस आंदोलन के तहत रविवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि गांव भगवानपुर की पंचायती जमीन पर अस्पताल अथवा ट्रोमा सेंटर बनाए जाने की मांग वे पिछले कई वर्षों से करती आ रही हैं। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तथा हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को अनेक बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। नेताओं द्वारा आश्वासन भी दिए गए, लेकिन आज तक न तो अस्पताल निर्माण की कोई घोषणा हुई और न ही ज्ञापनों का कोई आधिकारिक जवाब मिला।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं की स्थिति में उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे कई बार जान तक चली जाती है। इसके बावजूद सरकार क्षेत्र की इस मूलभूत स्वास्थ्य आवश्यकता की अनदेखी कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं केंद्रीय मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के आवास तक जाकर अपनी बात रखना चाहती थीं, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इससे महिलाओं में और अधिक रोष देखने को मिला।
रामगढ़–भगवानपुर अस्पताल बनाओ कमेटी के प्रतिनिधि अनिल कुमार (सरपंच) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार द्वारा गांव भगवानपुर में अस्पताल या ट्रोमा सेंटर बनाए जाने की ठोस घोषणा नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं ने सरकार से मांग की कि चुनावी वादों को धरातल पर उतारते हुए तुरंत अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।







