अहीरवाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत, भाजपा का ‘महल’ ढहने की ओर : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा की गुटबाजी अब सड़कों पर, कांग्रेस के लिए खुला अवसर— लेकिन पहले घर मजबूत करना होगा

रेवाडी | 10 जनवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने अहीरवाल की राजनीति को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में अहीरवाल क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की प्रबल संभावना है। भाजपा के भीतर जिस तरह खुलकर गुटबाजी सामने आ रही है और अहीरवाल के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे पर तीखे तंज कस रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि भाजपा द्वारा अहीरवाल में खड़ा किया गया सत्ता का महल अब ढहने की दिशा में बढ़ चुका है

विद्रोही ने कहा कि भाजपा स्वयं को ‘पार्टी विद डिफरेंस’ और अनुशासित संगठन बताकर हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती रही है, लेकिन कटु सत्य यह है कि वर्तमान में कांग्रेस से कहीं अधिक गुटबाजी भाजपा में मौजूद है। सत्ता की चाशनी से चिपकी यह गुटबाजी अब तक अंदरखाने तक सीमित थी, लेकिन अब यह सार्वजनिक मंचों से खुलकर सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र के भाजपा नेता— राव इन्द्रजीत सिंह, राव नरबीर सिंह और अभय सिंह यादव— जिस तरह एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, वह आने वाले समय में अहीरवाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। यह स्थिति भाजपा के लिए खतरे की घंटी है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि अब यह पूरी तरह कांग्रेस पर निर्भर करता है कि वह अहीरवाल की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों का लाभ उठा पाती है या नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि कभी अहीरवाल कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ हुआ करता था, लेकिन कांग्रेस की आपसी खींचतान और गलत राजनीतिक रणनीतियों के चलते वही क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ बन गया।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी रणनीति को समय रहते दुरुस्त करती है, तो वह अहीरवाल में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन दोबारा हासिल कर सकती है। कांग्रेस द्वारा अहीरवाल क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और नए जिला अध्यक्ष बनाए जाना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी जमीनी स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पाई है

अंत में विद्रोही ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अहीरवाल में भाजपा के भीतर चल रही सिरफुटव्वल का लाभ कांग्रेस को तभी मिलेगा, जब कांग्रेस पहले अपना संगठनात्मक घर मजबूत करेगी। केवल भाजपा की कमजोरियों के सहारे राजनीतिक वापसी संभव नहीं है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!