21 दिन सदमे में रही पीड़िता, परफॉर्मेंस के बहाने फरीदाबाद के फाइव स्टार होटल में बुलाया
फरीदाबाद | 8 जनवरी – हरियाणा के फरीदाबाद में खेल जगत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग महिला शूटर ने अपने नेशनल लेवल कोच अंकुश भारद्वाज पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, कोच ने उसकी परफॉर्मेंस और गेम में सुधार की बात कहकर सूरजकुंड स्थित फाइव स्टार होटल के कमरे में बुलाया, जहां उसके साथ रेप किया गया। विरोध करने पर करियर खत्म करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
पीड़िता करीब 21 दिनों तक सदमे में रही। अंततः हिम्मत जुटाकर उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद 6 जनवरी को फरीदाबाद के एनआईटी महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रतियोगिता के बाद होटल बुलाने का आरोप
पीड़िता नोएडा की रहने वाली है और 16 दिसंबर को दिल्ली की डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में चल रही नेशनल लेवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची थी। परिवार के अनुसार, मैच के दौरान सब सामान्य रहा, लेकिन मैच खत्म होने के बाद कोच ने शूटर को रुकने के लिए कहा। बाद में उसने फोन कर फरीदाबाद के होटल में मिलने को कहा।
आरोप है कि एंड्यूरेंस और स्किल सुधार की बात कहकर होटल बुलाया गया। करियर को लेकर आश्वासन मिलने पर नाबालिग शूटर कैब से होटल पहुंची, जहां कोच ने कमरे में बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।
धमकी और मानसिक आघात
पीड़िता की मां के मुताबिक, घटना के बाद बेटी चुप रहने लगी, अभ्यास पर ध्यान नहीं दे पा रही थी और किसी से बात नहीं करती थी। करीब तीन हफ्ते बाद उसने पूरी बात साझा की।
पीड़िता 2017 से शूटिंग की प्रैक्टिस कर रही है, जबकि जुलाई 2025 से आरोपी कोच के पास ट्रेनिंग ले रही थी।
पुलिस जांच और NRAI की कार्रवाई
फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल यादव ने बताया कि होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और होटल स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पीड़िता की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी।
उधर, मामले पर संज्ञान लेते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा।
खेल जगत में बढ़ती चिंता
यह मामला अकेला नहीं है। इससे पहले भी फरीदाबाद में भिवानी की एक महिला शूटर के साथ होटल में दुष्कर्म का मामला सामने आ चुका है। इन घटनाओं ने महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, कोच–खिलाड़ी संबंधों और खेल संस्थाओं की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल जो अब उठते हैं
- नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खेल संस्थाओं की निगरानी व्यवस्था कितनी मजबूत है?
- कोचों की नियुक्ति और आचरण पर नियमित ऑडिट क्यों नहीं?
- होटल, आयोजक और एसोसिएशन की जिम्मेदारी तय कब होगी?
यह मामला केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे खेल तंत्र की साख से जुड़ा है। जांच के नतीजों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।







