महाराष्ट्र दूसरे, राजस्थान तीसरे व पंजाब चौथे स्थान पर –
दिल्ली/भिवानी, 8 जनवरी 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप का समापन 36 दिनों की प्रतिस्पर्धा के बाद हुआ। इस दौरान 16500 से अधिक निशानेबाजों ने 45 स्पर्धाओं में नई दिल्ली और भोपाल के दो वेन्यू पर हिस्सा लिया, जिससे यह चैंपियनशिप के इतिहास के सबसे बड़े संस्करणों में से एक बन गई।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप के समापन पर हरियाणा ने राइफल, पिस्टल और शॉटगन तीनों विधाओं में निरंतर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और सबसे सफल राज्य के रूप में उभरा। राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक तालिका में हरियाणा ने 31 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य पदकों के साथ कुल 60 पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया।
हरियाणा का दबदबा सभी विधाओं में देखने को मिला। राइफल में 13 स्वर्ण, पिस्टल में 14 स्वर्ण और शॉटगन स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए।
राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में शीर्ष पर हरियाणा प्रदेश –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि महाराष्ट्र ने 24 स्वर्ण, नौ रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राजस्थान 15 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ कुल 51 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रहा। विधा-वार प्रदर्शन की बात करें तो हरियाणा ने राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि शॉटगन स्पर्धाओं में पंजाब ने नौ स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ बाजी मारी।
पंजाब कुल मिलाकर 13 स्वर्ण पदकों के साथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
हरियाणा ने चैंपियनशिप में जीते 105 पदक –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि राष्ट्रीय, सिविलियन, डेफ और पैरा श्रेणियों को मिलाकर तैयार की गई समग्र पदक तालिका में भी हरियाणा 105 पदकों (40 स्वर्ण, 30 रजत और 35 कांस्य) के साथ शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र 70 पदकों (33 स्वर्ण, 16 रजत और 21 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
इसके साथ राजस्थान भी 105 पदकों (32 स्वर्ण, 36 रजत और 37 कांस्य) के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पैरा शूटिंग स्पर्धाओं में हरियाणा (तीन स्वर्ण, 10 रजत और आठ कांस्य) तीसरे स्थान पर रहा।









