BJP सरकार व HPSC चेयरमैन हरियाणा के युवाओं का कर रहे हैं घिनौना अपमान : रणदीप सिंह सुरजेवाला
चंडीगढ़। सांसद एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की नायब सैनी सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन आलोक वर्मा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा सरकार और HPSC मिलकर हरियाणा के युवाओं का सरेआम अपमान कर रहे हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि HPSC चेयरमैन द्वारा हरियाणा के युवाओं को “फेलियर, नालायक और अयोग्य” कहना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह भाजपा सरकार की युवा-विरोधी सोच को उजागर करता है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा के युवाओं को अपमानित करने वाले HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
युवाओं को अपमानित करने वाले बयान अस्वीकार्य
सुरजेवाला ने HPSC चेयरमैन के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि—
- “हरियाणा के युवा फेलियर हैं क्योंकि उन्हें ठीक से पढ़ाया नहीं गया।”
- “हरियाणा के युवाओं को लिखना तक नहीं सिखाया गया।”
- “हरियाणा की यूनिवर्सिटियों का लेवल ही तैयार नहीं।”
उन्होंने कहा कि ये बयान केवल युवाओं ही नहीं, बल्कि हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों और प्रदेश की पूरी संस्कृति का अपमान हैं।
बिहार से ‘आयात’ किया गया विवादास्पद चेयरमैन
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि 2.5 करोड़ की आबादी वाले हरियाणा में भाजपा सरकार को HPSC चेयरमैन के लिए एक भी योग्य व्यक्ति नहीं मिला, इसलिए बिहार से एक विवादास्पद व्यक्ति आलोक वर्मा को आयात कर लाया गया।
उन्होंने कहा कि HPSC लगातार विवादों में घिरा रहा है और उसकी साख पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
‘अटैची कांड’ से लेकर पेपर लीक तक
सुरजेवाला ने याद दिलाया कि—
- देश के इतिहास में पहली बार HPSC में “अटैची कांड” हुआ, जहां दफ्तर से करोड़ों रुपये की अटैचियां पकड़ी गईं।
- असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बिहार के प्रश्नपत्र की हूबहू नकल कर दी गई।
- भर्ती प्रक्रिया में खुलेआम हेराफेरी की गई।
हरियाणा के युवाओं को नकार, बाहरी लोगों को नौकरी
उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा पावर यूटिलिटीज़ में 214 पदों में से 185 पदों पर बाहरी लोगों की नियुक्ति की गई, जबकि हरियाणा के युवाओं को अयोग्य बताकर बाहर कर दिया गया।
असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती में बड़ा अन्याय
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि—
- 613 पदों के लिए हजारों अभ्यर्थियों में से केवल 151 को ही पास किया गया।
- SC के 60 पदों में सिर्फ 2,
- BC-A के 85 पदों में 5,
- BC-B के 36 पदों में 3,
- EWS के 60 पदों में केवल 6 उम्मीदवार पास किए गए।
उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि भाजपा सरकार और HPSC की नजर में हरियाणा के युवा पढ़ाने लायक ही नहीं हैं।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री नायब सैनी में जरा भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा का इस्तीफा लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह साबित हो जाएगा कि हरियाणा के युवाओं को नालायक और फेलियर घोषित करने वाले खुद मुख्यमंत्री और उनकी भाजपा सरकार हैं।







