कहाँ है ‘विकसित गुरुग्राम’?

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घोषणाओं का शोर, ज़मीन पर सन्नाटा — एक साल बाद भी विकास नदारद : इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह

‘विकसित गुरुग्राम महारैली’ जैसी घोषणाएं जनता के साथ मज़ाक हैं

गुरुग्राम। गुरुग्राम के समाजसेवी व इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने हरियाणा की नायब सरकार और गुरुग्राम के जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि “भाजपा सरकार को एक साल दो महीने हो चुके हैं, लेकिन गुरुग्राम जैसे महानगर में विकास के नाम पर कुछ भी ठोस दिखाई नहीं देता।” उन्होंने कहा कि ‘विकसित गुरुग्राम महारैली’ जैसी घोषणाएं जनता के साथ मज़ाक हैं, क्योंकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। घोषणाओं का अंबार लगा दिया गया, पर काम एक भी पूरा नहीं हुआ।

घोषणाएं हुईं, काम नहीं हुआ

उन्होंने सरकार की नाकामी गिनाते हुए कहा—

  • सिविल हॉस्पिटल को ‘गुरु नानक देव जी’ के नाम पर रखने की घोषणा तो हुई, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
  • आधुनिक बस स्टैंड का वादा किया गया, पर न निर्माण हुआ, उल्टा बस किराया बढ़ा दिया गया।
  • शीतला माता मंदिर से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता है, फिर भी मंदिर का निर्माण अधूरा पड़ा है।
  • बंदवाड़ी डंपिंग साइट में कचरे का पहाड़ दिन-ब-दिन ऊंचा होता जा रहा है, सफाई केवल फाइलों में है।
  • सड़कें बनते ही टूट जाती हैं, भ्रष्टाचार इतना गहरा है कि सड़कें कुछ दिनों में कंकड़ बन जाती हैं।
  • शिक्षा व्यवस्था बदहाल है—सरकारी स्कूल बंद या मर्ज किए जा रहे हैं, नए स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी का कोई नामोनिशान नहीं।
जनता के सवाल, सरकार मौन

गुरिंदरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री नरबीर सिंह, आरती सिंह राव, अनिल विज, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, प्रशासनिक अधिकारियों, कष्ट निवारण समिति और वार्ड पार्षदों से सीधे सवाल पूछे—

  1. क्या पिछले एक साल में एक भी रोड के गड्ढे स्थायी रूप से भरे गए?
  2. बस स्टैंड का निर्माण कब शुरू होगा?
  3. सेक्टर-5 के इनडोर स्टेडियम की नींव कब रखी जाएगी?
  4. पानी निकासी और सीवर की समस्या का समाधान कब होगा?
  5. बिजली व्यवस्था कब सुधरेगी?
  6. अर्जुन नगर के सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग कब बनेगी?
  7. सिविल हॉस्पिटल सेक्टर-10A में सभी सुविधाएं और दवाइयां कब मिलेंगी?
11 साल से विकास की रफ्तार रोकी गई

गुरिंदरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ़ एक साल नहीं बल्कि पिछले 11 सालों से विकास की रफ्तार रोक रखी है
उन्होंने कहा, “मंत्री केवल बातों का कड़ाहा पकाते हैं, प्रदेश कर्ज़ में डूबता जा रहा है। आखिर इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?”

अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार का खुला खेल

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार सच में ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है, तो—

  • गुरुग्राम में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों का जाल कैसे फैल गया?
  • डीटीपी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, जेई, म्यूनिसिपल इंजीनियर, सेनेटरी इंस्पेक्टर की नाक के नीचे यह सब कैसे हो रहा है?
  • PG, OYO होटल, निजी स्कूल, अस्पताल, मिनी वेयरहाउस बिना CLU, NOC और फायर सेफ्टी के कैसे चल रहे हैं?
  • रिहायशी इलाकों में सैकड़ों स्कूल बिना फायर NOC के कैसे संचालित हैं?
  • स्कूल बसों और वैनों से कॉलोनियों में जाम क्यों लग रहा है?
  • नशे के खिलाफ होने का दावा करने वाली सरकार के बावजूद गुटखा-पान मसाला खुलेआम कैसे बिक रहा है?
लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह फेल

गुरिंदरजीत सिंह ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “जब लोकसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवार और मशहूर सिंगर राहुल यादव फैजलपुरिया पर हमला हो सकता है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।”
फिरौती, खुलेआम वारदात और गुंडागर्दी बढ़ रही है, लेकिन सरकार खामोश है।

खोखले नारों से जनता त्रस्त

अंत में गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम की जनता अब ‘विकसित गुरुग्राम’ और ‘विकसित हरियाणा’ जैसे नारों से थक चुकी है।
अगर सरकार सच में विकास चाहती है तो—

  • घोषणाएं नहीं, जमीनी काम करे
  • जनता के पैसे की जवाबदेही तय करे
  • भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करे
  • गुरुग्राम को केवल राजस्व की मशीन न समझे
  • इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी गंभीरता से काम करे

तभी जनता को साफ, सुरक्षित और विकसित गुरुग्राम मिल सकेगा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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