अपराध, नशा, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार पूरी तरह नाकाम : इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह
गुरुग्राम। गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की क्राइम इन इंडिया–2023 रिपोर्ट का हवाला देते हुए हरियाणा सरकार के “विकसित गुरुग्राम–विकसित हरियाणा” के दावों को खोखला बताया है। उन्होंने कहा कि NCRB के आंकड़े प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, नशा और महंगाई की भयावह तस्वीर पेश करते हैं, जबकि सरकार जमीनी समस्याओं के बजाय प्रचार और रैलियों में व्यस्त है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने बताया कि करीब 3.03 करोड़ की आबादी वाले हरियाणा में औसतन प्रतिदिन तीन हत्याएं, पांच दुष्कर्म और 11 अपहरण के मामले दर्ज हो रहे हैं। वर्ष 2023 में प्रदेश में 2,24,216 एफआईआर दर्ज हुईं, जिससे हरियाणा देश के सर्वाधिक अपराध दर वाले राज्यों में शामिल हो गया है। महिलाओं के खिलाफ 15,758 अपराध और दुष्कर्म मामलों में महज 13.6 प्रतिशत सज़ा दर सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि आंकड़ों में भले ही कुछ अपराध कम दिखाए जा रहे हों, लेकिन अपहरण और ऑनर किलिंग जैसे जघन्य अपराधों में हरियाणा शीर्ष राज्यों में है। “जब महिलाएं, बच्चे, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो विकास के दावे केवल कागज़ी साबित होते हैं,” उन्होंने कहा।
नशे को प्रदेश का गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए उन्होंने कहा कि 15 से 25 वर्ष के युवा सबसे अधिक इसकी चपेट में हैं। गुरुग्राम में एक-एक शराब ठेके का करीब 100 करोड़ रुपये में बिकना दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य नहीं, बल्कि राजस्व है। प्रदेश में 80 से अधिक सक्रिय आपराधिक गैंग और बढ़ता संगठित अपराध कानून-व्यवस्था पर सरकार की कमजोर पकड़ को दर्शाता है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि अपराध के साथ-साथ महंगाई और बेरोजगारी ने भी जनता की कमर तोड़ दी है। NSO रिपोर्ट के अनुसार दूध, सब्ज़ी, फल और रोजमर्रा की जरूरत की चीज़ें हरियाणा में देश में सबसे महंगी हैं। ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर 7 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन मुश्किल हो गया है।
उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा—
- महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कब लगेगी लगाम?
- गुरुग्राम को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं कब मिलेंगी?
- वर्षों पहले घोषित गुरुग्राम का सरकारी अस्पताल आखिर कब बनेगा?
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार के जवाब संतोषजनक नहीं रहे। बेरोजगारी, धान घोटाले और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। “ऐसा लगता है मानो प्रदेश को सरकार नहीं, बल्कि माफिया चला रहे हों। ‘खुशहाली और हरियाली’ वाला हरियाणा अब ‘बदमाशी और गोली’ की पहचान बनता जा रहा है,” उन्होंने कहा।
30 दिसंबर को प्रस्तावित “विकसित गुरुग्राम महारैली” पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में न गुरुग्राम को ढंग का सिविल हॉस्पिटल मिला, न बस स्टैंड, न ही सीवर जाम और जलभराव से राहत। प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो चुका है, बंधवाड़ी कूड़े का पहाड़ लगातार बढ़ रहा है और बदबूदार हवा ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने स्पष्ट कहा कि गुरुग्राम और हरियाणा की जनता अब जुमलों और रैलियों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम चाहती है। यदि सरकार ने अपराध, नशा, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदूषण पर तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।
उन्होंने कहा, “असली विकास वही है जहां लोग सुरक्षित हों, युवाओं को रोजगार मिले और महिलाओं को न्याय व सम्मान प्राप्त हो।”








