वोट बैंक समझकर ठगा गया अहीरवाल: विद्रोही का बड़ा आरोप

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एकतरफा समर्थन का इनाम: अहीरवाल को जुमले, बजट और अधिकार—तीनों से वंचित किया

भाजपा की अहीरवाल से बेरुखी बेनकाब, 2025 रहा ‘विकास शून्य’ वर्ष

रेवाडी/अहीरवाल, 29 दिसंबर 2025। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर अहीरवाल क्षेत्र के साथ गंभीर भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में अहीरवाल की जनता ने भाजपा को एकतरफा समर्थन देते हुए 11 में से 10 सीटें जिताईं, लेकिन वर्ष 2025 में भाजपा सरकार ने उस जनभावना का “पैसेभर का भी सम्मान नहीं किया”।

विद्रोही के अनुसार वर्ष 2025 अहीरवाल के लिए विकास के दृष्टिकोण से बेहद निराशाजनक रहा। भाजपा ने न केवल नई विकास परियोजनाएं शुरू नहीं कीं, बल्कि पहले से घोषित योजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजट जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर अहीरवाल को पूरे वर्ष केवल जुमले ही मिले।

उन्होंने केंद्र सरकार में अहीरवाल क्षेत्र से जुड़े दोनों मंत्रियों—भूपेंद्र यादव और राव इंद्रजीत सिंह—तथा हरियाणा सरकार के मंत्रियों राव नरबीर सिंह और आरती सिंह राव पर भी निशाना साधा। विद्रोही ने आरोप लगाया कि इन मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाली योजनाओं के जरिए क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया और न ही अहीरवाल के हितों की प्रभावी पैरवी की।

पिछड़ा वर्ग के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाते हुए विद्रोही ने कहा कि भाजपा सरकार ने संवैधानिक आरक्षण के बावजूद प्रथम व द्वितीय श्रेणी की नौकरियों में पिछड़े वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को उनका हक नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि “योग्य उम्मीदवार नहीं होने” का बहाना बनाकर आरक्षित पदों पर नियुक्तियां ही नहीं की गईं, जो पिछड़े वर्ग के साथ घोर अन्याय है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि कुल मिलाकर भाजपा सरकार ने अहीरवाल के विकास और सामाजिक सरोकारों के प्रति सौतेला रवैया अपनाकर यह साबित कर दिया है कि वह क्षेत्र और पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अहीरवाल की जनता ने भाजपा को एकतरफा समर्थन देकर खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया है।

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Author: Bharat Sarathi

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