रेल किराया वृद्धि से बेरोजगार युवाओं और गरीब यात्रियों पर बढ़ा बोझ: AIDYO

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

साल 2025 में दूसरी बार किराया बढ़ोतरी को बताया असंवेदनशील फैसला, आंदोलन की चेतावनी

गुड़गांव, 24 दिसंबर 2025। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) ने वर्ष 2025 में दूसरी बार रेल किराए में की गई वृद्धि की कड़ी निंदा करते हुए इसे आम जनता, विशेषकर बेरोजगार युवाओं और गरीब यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ बताया है। संगठन ने लोगों से इस निर्णय के खिलाफ आवाज बुलंद करने और व्यापक आंदोलन खड़ा करने की अपील की है।

AIDYO के अखिल भारतीय महासचिव अमरजीत कुमार ने जारी बयान में कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता पर सरकार ने मनमाने तरीके से किराया बढ़ाकर अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर ट्रेनों में साधारण कोचों की संख्या लगातार घटा रही है और दूसरी ओर वातानुकूलित कोचों व वंदे भारत जैसी महंगी ट्रेनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने वाले प्रवासी मजदूर और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले बेरोजगार युवा अमानवीय हालात में यात्रा करने को मजबूर हैं, जबकि महंगी वंदे भारत ट्रेनों की सीटें खाली जा रही हैं। बावजूद इसके, यात्रियों को समय पर ट्रेन पहुंचने की कोई गारंटी नहीं मिल रही है और रेल दुर्घटनाओं की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

AIDYO महासचिव ने कहा कि ट्रेनें लेट होने से परीक्षार्थियों की परीक्षाएं छूट रही हैं, लेकिन सरकार यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध यात्रा को लेकर कोई जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने रेलवे के बढ़ते निजीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे भविष्य में हवाई यात्रा जैसी मनमानी किराया वसूली और गैर-जवाबदेही की स्थिति और गंभीर होगी।

संगठन ने मांग की कि यात्री सुविधाओं और सुरक्षा को दुरुस्त किए बिना किराया बढ़ाना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। AIDYO ने सरकार से किराया वृद्धि तत्काल वापस लेने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, ट्रेनों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने की गारंटी देने, देरी की स्थिति में मुआवजा देने तथा रेलवे के निजीकरण की नीति रद्द करने की मांग की है।

संगठन ने देश की जनता से इन मांगों को लेकर सशक्त जनआंदोलन खड़ा करने की अपील भी की है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें