11 साल सत्ता में रहने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्र – विद्रोही
रेवाड़ी, 4 दिसंबर 2025 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने अहीरवाल क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 वर्षों से हरियाणा की सत्ता में काबिज रहने के बावजूद भाजपा सरकार इस क्षेत्र में पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल साबित हुई है।
विद्रोही ने कहा कि वर्तमान में अहीरवाल क्षेत्र में सर्दी का पारा रात में 2-3 डिग्री और दिन में 14-16 डिग्री तक पहुंच रहा है। ठंड के मौसम में पानी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कम रहती है, इसके बावजूद रेवाड़ी शहर में पेयजल की ‘राशनिंग’ जारी है। जानकारी के अनुसार आने वाले 8 दिनों तक एक दिन छोड़कर ही नलों में पानी की सप्लाई होगी।
उन्होंने दावा किया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार के आने के बाद पिछले 11 वर्षों से हर माह लगभग 15-20 दिन पानी की सप्लाई बाधित रहती है। कई जगहों पर एक दिन छोड़कर, तो कभी दो-दो दिन तक पानी नहीं आता। यह सरकार की प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है।
विद्रोही ने सवाल उठाया कि – “जब जीवन की सबसे बुनियादी आवश्यकता तक पूरी नहीं हो रही, तो ऐसी सरकार से क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?”
उन्होंने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र ने लगातार तीन आम चुनावों में भाजपा को एकतरफा समर्थन दिया, फिर भी क्षेत्र की अनदेखी जारी है। यह अहीरवाल विरोधी सोच का परिचायक है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई।
उनके अनुसार – “पेयजल के बाद नागरिक विकास का आधार शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएँ होती हैं, लेकिन अहीरवाल में सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों की हालत चिंताजनक है। पिछले 11 सालों से बजट की कमी और भूमि अधिग्रहण न होने के कारण अधिकतर परियोजनाएँ ठंडे बस्ते में पड़ी हैं।”
विद्रोही ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा के स्थानीय सांसद और विधायक जनता की समस्याओं पर मौन साधे बैठे हैं, जबकि जनता पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूल सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।






